Supreme Court: सीजेआई के कॉकरोच वाले बयान का हुआ गलत इस्तेमाल, जनहित याचिका पर सरकार और सीबीआई को नोटिस
- byShiv
- 12 Aug, 2026
इंटरनेट डेस्क। सीजेपी का 20 जुलाई को दिल्ली जंतर मंतर प्रदर्शन अभी भी चर्चाओं में है। अब सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम जनहित याचिका पर केंद्र सरकार और सीबीआई से जवाब तलब किया है। यह मामला चीफ जस्टिस सूर्यकांत की तीन महीने पुरानी कॉकरोच वाली टिप्पणी से जुड़ा है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि वर्चुअल कोर्ट की कार्यवाही के वीडियो को चालाकी से एडिट करके इस टिप्पणी का व्यावसायिक फायदा उठाया गया और इसे ऐसा मतलब दे दिया गया जो कभी कहा ही नहीं गया था।
क्या है पूरा मामला
मीडिया रिपोटर्स की माने तो 15 मई को सीजेआई के नेतृत्व वाली बेंच संजय दुबे बनाम रजिस्ट्रार जनरल, दिल्ली हाईकोर्ट याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इसी दौरान सीजेआई ने अदालती प्रक्रिया के दुरुपयोग और वकालत के गिरते मानकों पर चिंता जताते हुए, खास तौर पर फर्जी वकीलों के संदर्भ में कॉकरोच शब्द का इस्तेमाल किया था।
खड़ा हुआ था बवाल
इस टिप्पणी के बाद खासा बवाल खड़ा हुआ और इसी बीच कॉकरोच जनता पार्टी वजूद में आई। इस पार्टी ने नीट यूजी पेपर लीक के खिलाफ जेन-जी के विरोध-प्रदर्शन का नेतृत्व किया।
मीम्स बनाकर मुनाफा कमाने का आरोप
याचिकाकर्ता और पेशे से वकील राजा चौधरी ने सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने अपनी दलीलें रखीं। करीब आधे घंटे चली बहस के दौरान उन्होंने कोर्ट को बताया कि 15 मई की घटना के बाद से अदालती कार्यवाही के चुनिंदा और एडिटेड क्लिप्स शेयर करने के मामलों में भारी बढ़ोतरी हुई है। अदालती टिप्पणियों के अर्थ को तोड़-मरोड़ कर मीम्स में बदला जा रहा है और सोशल मीडिया पर मुनाफे के लिए इसे सर्कुलेट किया जा रहा है। याचिकाकर्ता ने शिकायत की कि जजों की छवि खराब करने और न्यायपालिका से जनता का भरोसा कम करने वाली इन साजिशों को रोकने के लिए फिलहाल कोई तंत्र मौजूद नहीं है।
pc- hindustan, ndtv





