Supreme Court: CJI ने कहा- विरोध-प्रदर्शन हो रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि लाठीचार्ज किया जाए, अनुशासन की ज़रूरत
- byShiv
- 27 Jul, 2026
इंटरनेट डेस्क। सुप्रीम कोर्ट में नीट प्रोटेस्ट के दौरान पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लाठीचार्ज पर सवाल उठाए हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि अपनी तरफ से अपनाए गए अनुशासन की भी जरूरत होती है। इस दौरान पुलिसकर्मियों के परिवार की तरफ से भी वकील पेश हुए और कहा कि उनकी भी बात सुनी जानी चाहिए।
याचिका के जरिए जंतर मंतर पर हुई कार्रवाई के बाद जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ ऐक्शन की मांग की गई थी। एडवोकेट फौजिया शकील ने कहा, कल एके 47 और सी1 का भी इस्तेमाल किया गया है। वहीं, सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा, बिहार में भी छात्रों पर कई हमले हुए हैं...। पूरे भारत के लिए एक आदेश की जरूरत है।
सीजेआई ने कहा, शांतिपूर्ण आंदोलन के अधिकार की गारंटी है। इससे इनकार नहीं किया जा सकता। सिर्फ इसलिए कि आंदोलन हो रहा है, तो पुलिस की ज्यादती को सही नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा, एक प्रोटोकॉल होना चाहिए। सही जगह होनी चाहिए और कोई रोक-टोक नहीं होनी चाहिए। लेकिन अगर कोई असामाजिक तत्व वगैरह हों, तो उनसे निपटा जा सकता है। यह सिर्फ दिल्ली का सवाल नहीं है। प्रोटोकॉल में एकरूपता की जरूरत है। सिर्फ इसलिए कि विरोध-प्रदर्शन हो रहा है, इसका मतलब यह नहीं है कि लाठीचार्ज किया जाए। खुद से अपनाए गए अनुशासन की ज़रूरत है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए जरूरी है।
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