दिल्ली में अटल कैंटीन योजना हुई शुरू, ₹5 में मिलेगा पौष्टिक खाना

PC: Awaz The Voice

दिल्ली सरकार ने गुरुवार को राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को सिर्फ़ ₹5 में पौष्टिक खाने की थाली देने के लिए अटल कैंटीन योजना शुरू की। पहले चरण में, दिल्ली भर में 45 जगहों पर अटल कैंटीन खोली गई हैं। उद्घाटन के दिन, आम जनता को खाना मुफ़्त में परोसा गया।

योजना का उद्घाटन
जानकारी के अनुसार, नेहरू नगर में अटल कैंटीन के उद्घाटन में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद शामिल हुए। इस मौके पर, पहला 5 रुपये का खाने का टोकन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने जारी किया, जिन्होंने खुद भी खाना खाया। इस मौके पर, पहला 5 रुपये का खाने का टोकन केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने खरीदा, जिन्होंने खुद भी खाना खाया। दूसरा टोकन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खरीदा, और उसके बाद तीसरा टोकन गृह मंत्री आशीष सूद ने खरीदा। इस कार्यक्रम में स्थानीय विधायक भी मौजूद थे। उद्घाटन के बाद, स्थानीय लोगों ने कैंटीन में खाना लेना शुरू कर दिया।

सरकार का उद्देश्य: कोई भूखा न रहे
सभा को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि हालांकि हर खाने पर सरकार को लगभग ₹30 का खर्च आता है, लेकिन इसे जनता को सिर्फ़ 5 रुपये में पौष्टिक खाने की थाली के रूप में दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल कैंटीन के ज़रिए लाखों लोगों को सस्ता और पौष्टिक खाना मिलेगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में कोई भी भूखा न सोए। उन्होंने यह भी बताया कि उद्घाटन से पहले, वह अटल बिहारी वाजपेयी स्मारक गईं और उन्हें श्रद्धांजलि दी।

जनता की प्रतिक्रिया और खाने का विवरण
अटल कैंटीन में आए लोगों ने खुशी ज़ाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि 5 रुपये में इतनी स्वादिष्ट और पौष्टिक खाने की थाली मिल सकती है। खाने में दाल, चावल, सब्ज़ी, रोटी और अचार शामिल है।

भविष्य में विस्तार की योजनाएँ
दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने कहा कि हालांकि अब तक 45 जगहों पर अटल कैंटीन शुरू की गई हैं, लेकिन सरकार इस योजना को बहुत बड़े पैमाने पर बढ़ाने की योजना बना रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, जल्द ही दिल्ली भर में 100 से ज़्यादा जगहों पर अटल कैंटीन खोली जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि दिल्ली में कोई भी भूखा न रहे।