राज्य सरकार को भी करनी चाहिए सरकारी विद्यालयों में विशेषज्ञ काउंसलर्स और वेलनेस टीचर्स की नियुक्ति की व्यवस्था: Gehlot

जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सीबीएसई द्वारास्कूलों में मानसिकस्वास्थ्य एवं कॅरियरकाउंसलर की नियुक्तिअनिवार्य करने को एक अत्यंतसराहनीय और स्वागतयोग्य कदम करार दिया है। पूर्व सीएम गहलोत ने राज्य सरकार से भी अपने सभी सरकारीविद्यालयों में इसीतर्ज पर विशेषज्ञकाउंसलर्स और वेलनेसटीचर्स की नियुक्तिकी व्यवस्था करने की अपील की है। 

अशोक गहलोत ने आज इसं संबंध में एक्स के माध्यम से कहा कि प्रतिस्पर्धा के इसदौर में हमारेबच्चों का मानसिकस्वास्थ्य और भावनात्मकसुरक्षा सर्वोपरि है। अक्सरबच्चे तनाव औरअवसाद के साथ-साथ ऑटिज़्म (Autism) जैसी स्थितियों से भीजूझ रहे होतेहैं, जिसे सामान्यतःमाता-पिता औरशिक्षक भी समयपर पहचान नहींपाते।

इस दिशा में, सीबीएसई द्वारा स्कूलों मेंमानसिक स्वास्थ्य एवं कॅरियरकाउंसलर की नियुक्तिअनिवार्य करना एकअत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम है।राजस्थान हाईकोर्ट के हस्तक्षेपके बाद लियागया यह निर्णयबच्चों के सर्वांगीणविकास में मीलका पत्थर साबितहोगा।

अशोक गहलोत ने कहा कि मेरा मानना है किकेवल निजी यासीबीएसई स्कूल ही नहीं, बल्कि राज्य सरकारको भी अपनेसभी सरकारी विद्यालयोंमें इसी तर्जपर विशेषज्ञ काउंसलर्सऔर वेलनेस टीचर्सकी नियुक्ति कीव्यवस्था करनी चाहिए।राजस्थान सरकार को भीइस हेतु टीचर्सकी ट्रेनिंग कीव्यवस्था बनाकर आगे बढ़नाचाहिए।

मानसिक रूप से स्वस्थ बच्चा ही सशक्तराजस्थान की पहचान है
पूर्व सीएम ने कहा कि जब स्कूलों में प्रारंभिकस्तर पर हीऑटिज़्म और अन्यमानसिक स्वास्थ्य चुनौतियों कीपहचान होगी, तभीहम अपने नौनिहालोंको एक सुरक्षितऔर उज्ज्वल भविष्यदे पाएंगे। मानसिकरूप से स्वस्थबच्चा ही सशक्तराजस्थान की पहचानहै।

PC:  m.rediff