‘यह एसी का पानी नहीं है, बल्कि ये...’: बांके बिहारी मंदिर के पुजारी ने वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे का किया खंडन
- byShiv
- 06 Nov, 2024
pc: news18
मथुरा का बांके बिहारी मंदिर सोमवार से ही चर्चा में है। मंदिर का एक वीडियो ऑनलाइन सामने आया है, जिसमें श्रद्धालु हाथी की मूर्ति के मुंह से बहता पानी पीते दिख रहे हैं। इस वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर कई दावे किए गए, जिसमें कुछ लोगों ने पानी को चरणामृत तो कुछ ने एसी का पानी बताया।
जब एक न्यूज़ चैनल की टीम बांके बिहारी मंदिर की स्थिति को समझने के लिए मंदिर पहुंची, तो उन्होंने वायरल वीडियो के पीछे की सच्चाई को उजागर करने के लिए मंदिर के सेवायत (पुजारी) से बात की।
पुजारी ने कहा कि बांके बिहारी मंदिर से निकलने वाला पानी न तो एसी का पानी था और न ही भगवान के गर्भगृह में एसी यूनिट लगी हुई है। सेवायत पुजारी शालू गोस्वामी नेकहा, “जो लोग इसे एसी का पानी कह रहे हैं, वे बहुत मूर्ख हैं। जिन लोगों ने यह अफवाह फैलाई है, वे धर्म का मजाक उड़ा रहे हैं।
पुजारी ने कहा- “यह साधारण जल नहीं है। जब भगवान बांके बिहारी को स्नान कराया जाता है या गर्भगृह की सफाई की जाती है, तो यह जल इसी नाले से बहता है। बिहारी जी को स्नान कराने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला जल अमृत से कम नहीं है। जो लोग इसे एसी का पानी समझते हैं, वे बहुत मूर्ख हैं,।
उन्होंने आगे कहा कि पारस मणि को छूने वाली कोई भी वस्तु भी कीमती हो जाती है। यह वही जल है, जिसमें हमारी मूर्ति को स्नान कराया गया है। भक्तों ने भी इस भावना को दोहराया, जल को बहुत खास बताया और एसी के पानी के दावे का खंडन किया।
सोमवार को मंदिर का वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड हुआ, जिसमें दावा किया गया कि भक्त एसी का पानी पी रहे थे। हालांकि, एसी के पानी का दावा झूठा पाया गया।






