UP Election 2027: क्या BJP मुस्लिमों तक अपनी सबसे बड़ी पहुंच बना रही है? तारिक मंसूर, बासित अली की नियुक्तियों से उठ रहे हैं सवाल

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क्या BJP UP असेंबली इलेक्शन 2027 से कुछ महीने पहले अपनी एंटी-मुस्लिम इमेज बदलना चाहती है? क्या भगवा पार्टी मुसलमानों को लुभाना चाहती है, जो राज्य की आबादी का 19.26% हैं और 403 मेंबर वाली विधानसभा में 130-143 असेंबली सीटों के चुनावी नतीजे तय करते हैं? उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले BJP की मुस्लिम वोटरों तक पहुंच बनाने की कोशिश चर्चा में है। पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की नई टीम में पूर्व अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर और UP BJP Minority Morcha के अध्यक्ष कुंवर बासित अली को अहम जिम्मेदारी मिलना इसी रणनीति का संकेत माना जा रहा है। मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद पर बरकरार रखा गया है, जबकि बासित अली को राष्ट्रीय Minority Morcha का प्रमुख बनाया गया है।

कौन हैं तारिक मंसूर?

70 वर्षीय तारिक मंसूर अलीगढ़ के रहने वाले हैं और उनका संबंध एक शिक्षाविद परिवार से है। उन्होंने AMU के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज से MBBS और MS की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने मेडिकल कॉलेज में विभिन्न पदों पर काम किया और प्रोफेसर, प्रिंसिपल और चीफ मेडिकल सुपरिंटेंडेंट की जिम्मेदारी संभाली।

2017 में उन्हें AMU का कुलपति नियुक्त किया गया। लंबे अकादमिक और प्रशासनिक करियर के बाद मंसूर 2023 में BJP में शामिल हुए और बाद में उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य बने। वह पसमांदा मुस्लिम समुदाय से आते हैं, जिसे BJP लंबे समय से अपने राजनीतिक outreach में शामिल करने की कोशिश कर रही है। उन्हें BJP में शामिल होने वाले पहले पूर्व AMU कुलपति के तौर पर भी देखा जाता है।

कौन हैं कुंवर बासित अली?

40 वर्षीय कुंवर बासित अली मेरठ के किठौर क्षेत्र से आते हैं और पिछले एक दशक से BJP के संगठन में सक्रिय हैं। उन्होंने 2011 में UP Minority Morcha के मंडल अध्यक्ष के तौर पर राजनीतिक सफर शुरू किया। इसके बाद उन्होंने जिला और क्षेत्रीय स्तर पर कई जिम्मेदारियां संभालीं और 2021 में UP BJP Minority Morcha के अध्यक्ष बने।

अली ने मुस्लिम समुदाय तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने के लिए कई अभियान चलाए हैं। 2023 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Mann Ki Baat’ कार्यक्रम के चुनिंदा एपिसोड का उर्दू संकलन प्रकाशित करवाया। 2024 लोकसभा चुनाव से पहले ‘Shukriya Modi Bhaijaan’ अभियान के जरिए मुस्लिम महिलाओं तक सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने की कोशिश भी की गई।

इन नियुक्तियों से संकेत मिलता है कि BJP 2027 के UP चुनाव से पहले मुस्लिम समुदाय के कुछ वर्गों, खासकर पसमांदा और महिलाओं के बीच अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर जोर दे रही है।