Vastu Shastra : तांबे के बर्तन में पानी भरकर रखने से दूर होंगे वास्तु दोष, कैसे करें उपाय
- byvarsha
- 25 Feb, 2026
PC: navarashtra
भारतीय संस्कृति में तांबे का खास महत्व है। चाहे वास्तु शास्त्र हो या धार्मिक कारण, पीतल और तांबे के बर्तनों का इस्तेमाल भगवान की पूजा के लिए भी किया जाता है। माना जाता है कि तांबे के बर्तन में पानी रखने से घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है और शुभता आती है। वास्तु शास्त्र कहता है कि तांबे के पानी से भरा बर्तन सही दिशा और सही तरीके से रखने से घर में नेगेटिविटी कम करने में मदद मिलती है।
तांबे के बर्तन का क्या महत्व है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, तांबा सूर्य और अग्नि तत्व की धातु है। सूर्य को ऊर्जा, चमक और पॉजिटिविटी का प्रतीक माना जाता है। इसलिए घर में तांबे का बर्तन रखने से माहौल शुद्ध रखने में मदद मिलती है। यह एक आध्यात्मिक कारण से है।
तांबे का पानी कहाँ रखें?
साफ पानी से भरा तांबे का बर्तन घर की उत्तर-पूर्व (ईस्ट-ईस्ट) दिशा में रखना चाहिए। आप मेन दरवाज़े के पास भी तांबे का एक छोटा बर्तन रख सकते हैं।
मंदिर में तांबे के कलश में पानी रखना भी ज़्यादा फायदेमंद होता है।
वास्तु दोष कैसे खत्म होता है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, पानी चांद और शांति का प्रतीक है, जबकि तांबा सूरज का प्रतीक है। इन दोनों तत्वों का संतुलित मेल घर में एनर्जी का बैलेंस बनाए रखता है। माना जाता है कि इससे मानसिक तनाव कम होता है, परिवार में तालमेल बढ़ता है और फाइनेंशियल स्थिरता को बढ़ावा मिलता है।
किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
तांबे के बर्तनों को रोज़ाना धोकर ताज़ा पानी से भरना चाहिए।
पानी को पुराना या गंदा नहीं होने देना चाहिए।
बर्तनों को हफ़्ते में एक बार नींबू या इमली से साफ़ करना चाहिए।
माना जाता है कि वास्तु शास्त्र में बताया गया यह आसान उपाय घर में पॉजिटिव एनर्जी बढ़ाता है। तांबे के पानी का उपाय अगर विश्वास और रेगुलरिटी के साथ किया जाए तो ज़्यादा असरदार हो सकता है। इस उपाय को करते समय विश्वास और रेगुलरिटी ज़रूरी है। हालांकि इस बात के साइंटिफिक सबूत कम हैं कि वास्तु दोष पूरी तरह खत्म होता है या नहीं, लेकिन पॉजिटिव सोच और साफ़-सफ़ाई की आदत घर के माहौल को ज़रूर खुशनुमा बनाए रख सकती है।






