Vastu Shastra: सावन के महीने में इस तरह से करें लड्डू गोपाल जी की सेवा, इन नियमों का रखें विशेष ध्यान

इंटरनेट डेस्क। सावन का महीना वैसे तो भगवान शिव का समर्पित होता हैं, लेकिन इस महीने में भगवान श्रीकृष्ण और बाल स्वरूप लड्डू गोपाल की सेवा के लिए भी बेहद शुभ माना गया है। पंचांग के अनुसार, साल 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो चुकी है और इसका समापन 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन महीने में घर में विराजमान लड्डू गोपाल की पूजा और सेवा में कुछ विशेष नियमों का पालन करना चाहिए। जानते हैं किन नियमों का पालन करना चाहिए।

सावन में बदल जाती है लड्डू गोपाल की सेवा?
सावन का महीना वर्षा ऋतु का समय होता है, इस मौसम में नमी और ठंडक बढ़ जाती है। साथ ही, सावन में भगवान कृष्ण के झूलन उत्सव की शुरुआत होती है, मान्यता है कि सावन में लड्डू गोपाल को झूले पर बिठाकर सेवा करने से घर में सुख-समृद्धि और अपार खुशियां आती हैं। लेकिन, मौसम के मिजाज को देखते हुए लड्डू गोपाल के स्नान, पोशाक और भोग में विशेष सावधानी बरतनी पड़ती है।

सावन में क्या भोग लगाना चाहिए?
सावन के दौरान भगवान को केवल सात्विक भोजन ही अर्पित करना शुभ माना जाता है। माखन-मिश्री, दही, दूध, पंजीरी, खीर, ताजे फल और सूखे मेवे का भोग लगाया जा सकता है।

ठंडे पानी से स्नान कराना
सावन के महीने में मौसम थोड़ा ठंडा हो जाता है, ऐसे में बालगोपाल को बहुत अधिक ठंडे या बर्फ जैसे पानी से स्नान कराने की भूल न करें। स्नान के लिए हमेशा ताजे या हल्के गुनगुने जल का प्रयोग करें। जल में थोड़ा सा गंगाजल और तुलसी पत्र मिलाना बहुत शुभ माना जाता है।

भारी वस्त्र पहनाना
वर्षा ऋतु के मौसम सावन में लड्डू गोपाल को बहुत भारी, या चुभने वाले फैब्रिक की पोशाक न पहनाएं। इस मौसम में उन्हें हल्के, सूती आरामदायक वस्त्र ही पहनाएं।
pc- radhakrishnaquotes.com