Vastu Shastra: वास्तु में पुराने झाडू को हटाने के भी बताए गए हैं नियम, नई झाडू खरीदने के समय इन बातों का रखें ध्यान

इंटरनेट डेस्क। घर में साफ सफाई में काम आने वाली झाडू सामान्य चीज मानी जाती हैं, लेकिन इसे शास्त्रों में लक्ष्मी का रूप भी माना गया है। वास्तु शास्त्र में इसका बहुत ही गहरा महत्व है। मान्यता है कि झाड़ू केवल गंदगी साफ करने का साधन नहीं, बल्कि घर की नकारात्मकता दूर कर सकारात्मकता लाने का प्रतीक भी होती है। ऐसे में पुरानी झाड़ू बदलने के कुछ नियम बताए गए हैं। आए जानते हैं आज उनके बारे में।

कब बदलें पुरानी झाड़ू?
वास्तु शास्त्र के अनुसार जब झाड़ू की तीलियां टूटने लगें और उससे ठीक तरह से सफाई न हो पाए, तब उसे बदल देना चाहिए। मान्यता है कि टूटी हुई झाड़ू का लंबे समय तक उपयोग करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है। नई झाड़ू खरीदने और पुरानी झाड़ू हटाने के लिए शुक्रवार का दिन सबसे शुभ माना जाता है।

नई झाड़ू खरीदने के शुभ मौके
शुक्रवार के अलावा धनतेरस, अक्षय तृतीया और वसंत पंचमी जैसे शुभ अवसरों पर भी नई झाड़ू खरीदना अच्छा माना जाता है। मान्यता है कि इन दिनों घर में नई झाड़ू लाने से सुख-समृद्धि और सकारात्मकता का आगमन होता है।

पुरानी झाड़ू का निपटान कैसे करें?
वास्तु के मुताबिक, पुरानी झाड़ू को किसी दूसरे व्यक्ति को दान नहीं करना चाहिए। साथ ही इसे सीधे कूड़ेदान में फेंकने से भी बचने की सलाह दी जाती है। इसे किसी पुराने कपड़े में लपेटकर ऐसी जगह रखना उचित माना जाता है, जहां यह किसी के पैरों के नीचे न आए। इसे सम्मानपूर्वक हटाना शुभ माना जाता है।

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