West Bengal Elections 2026: भाजपा की तरह कांग्रेस को भी 49 वर्षों से पश्चिम बंगाल में अपनी सरकार बनने का इंतजार

इंटरनेट डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, भाजपा, कांग्रेस और टीएमसी उम्मीदवारों की घोषणा में लगी हुई है। कांग्रेस ने 29 मार्च को एक साथ 284 उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इस बार देश की सबसे पुरानी पार्टी अपने दम पर अकेले राज्य की 294 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भवानीपुर सीट से सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ प्रदीप प्रसाद को उतारा गया है। पिछले चुनाव में शून्य पर सिमटी कांग्रेस ने इस बार अपनी जमीन खुद तलाशने का फैसला किया है और पार्टी इसपर आगे बढ़ चुकी है। 

2021 का चुनाव लड़ा था मिलकर
मीडिया रिपोटर्स की माने तो 2021 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने संयुक्त मोर्चा के बैनर तले चुनाव लड़ा था। संयुक्त मोर्चा में कुल छह पार्टियां मिलकर चुनाव लड़ी थीं, इसमें हुए सीट बंटवारे में कांग्रेस के हिस्से में 91 सीटें आई थीं। चुनावी परिणाम आने के बाद संयुक्त मोर्चा और कांग्रेस का बुरा हश्र हुआ था। पूरे संयुक्त मोर्चा को महज एक सीट मिली थी, जबकि कांग्रेस शून्य पर खिसक गई। इससे पहले 2016 के चुनाव में कांग्रेस के पास 44 विधायक थे और 12 फीसदी से अधिक वोट शेयर था। 

संघर्ष कर रही है पार्टी
जानकारी के अनुसार अब पार्टी 2026 के चुनाव में उतर चुकी है। कांग्रेस 49 साल से बंगाल में सत्ता के लिए संघर्ष कर रही है। पार्टी की आखिरी बार 1977 में सिद्धार्थ शंकर रे के नेतृत्व में सरकार बनी थी। इसके बाद सीपीआई (एम) और तृणमूल कांग्रेस ने कांग्रेस को बंगाल की कुर्सी पर दोबारा नहीं बैठने दिया है। ऐसे में जिस तरह से बीजेपी को बंगाल में अपना मुख्यमंत्री देखने की उम्मीद है, ठीक वैसे ही कांग्रेस भी राज्य में सरकार बनाने के लिए काम कर रही है।

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