Jaipur: सरकारी नौकरी और 14 करोड़ की संपत्ति के लिए बेटी ने चाचा, ताऊ के साथ मिलकर मरवा दिया विधवा मां को...सुपारी देकर करवाई हत्या
- byShiv
- 08 Jul, 2026
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान में लगभग एक महीने से कुछ ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनके बारे में जानकर ही ऐसे लगता हैं जैसे कलयुग आ ही गया है। अब एक ऐसी खौफनाक और रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने मां-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित कर दिया है। जयपुर के प्रताप नगर इलाके में एक 23 साल की सगी बेटी ने अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए अपनी ही विधवा मां की 7 लाख रुपये की सुपारी देकर बेरहमी से हत्या करवा दी।
क्या हुआ था
मीडिया रिपोटर्स की माने तो बेटी वकालत की तैयारी कर रही थी, बेटी आयुषी शर्मा ने इस पूरी वारदात को एक सामान्य हिट-एंड-रन सड़क हादसे का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की नजर और सीसीटीवी फुटेज ने इस रूह कंपा देने वाली साजिश का पर्दाफाश कर दिया।
आ गया था ये लालच
मीडिया रिपोटर्स की माने तो पुलिस जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी आयुषी शर्मा अपनी मां नीरज शर्मा की मौत के बाद अनुकंपा के आधार पर सरकारी नौकरी पाना चाहती थी। दरअसल, आयुषी के पिता विजय कुमार शर्मा कोर्ट में लोअर डिवीजन क्लर्क थे, जिनकी एक साल पहले मौत हो गई थी। उनकी जगह मां नीरज शर्मा को अनुकंपा पर नौकरी मिली थी। आयुषी खुद यह नौकरी करना चाहती थी और वह अपनी मां को अपना भविष्य बर्बाद करने का जिम्मेदार मानती थी। इसके अलावा, नीरज शर्मा के नाम पर जयपुर में करीब 4 करोड़ रुपये के दो मकान और भरतपुर हाईवे पर करीब 10 करोड़ रुपये की पांच बीघा कीमती जमीन थी, जिसे आयुषी और उसके जेठ पक्ष के रिश्तेदार हड़पना चाहते थे।
ताऊ और चचेरे भाईयों ने दिया साथ
खबरों की माने तो इस मामले में डीसीपी रंजिता शर्मा के मुताबिक, इस खौफनाक हत्याकांड की साजिश करीब तीन महीने पहले से रची जा रही थी। आयुषी ने इस साजिश में अपने ताऊ मोहन स्वरूप और चचेरे भाई बलराम उर्फ रवि को शामिल किया। उन्होंने बयाना के रहने वाले हेमंत शर्मा को 7 लाख रुपये की सुपारी देकर हत्या का ठेका दिया। हेमंत ने इस काम के लिए अपने चार अन्य साथियों आकाश शर्मा, अरविंद शर्मा, मोहित शर्मा और रोहित जाटव को साथ मिलाया।
कार से कुचला
खबरों की माने तो 3 जुलाई 2026 की शाम करीब 4.45 बजे, जब नीरज शर्मा अपने दिव्यांग बेटे को कोचिंग क्लास छोड़कर पैदल घर लौट रही थीं, तभी पूरी प्लानिंग के तहत आरोपियों ने एक हरियाणा नंबर की सफेद स्कॉर्पियो से उन्हें टक्कर मार दी। गाड़ी की रफ्तार करीब 120 से 130 किलोमीटर प्रति घंटा थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नीरज शर्मा हवा में उछलकर करीब 100 फीट दूर जा गिरीं और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गाड़ी को चौपाटी के पास लावारिस छोड़कर बाइक से फरार हो गए। गाड़ी की नंबर प्लेट पर मिट्टी पुती हुई थी ताकि उसकी पहचान छुपाई जा सके।
ऐसे खुला राज
प्रताप नगर थाना पुलिस को शुरुआत में यह एक सामान्य सड़क हादसा लग रहा था। लेकिन जब मृतका के भाई राकेश कुमार शर्मा ने अपनी भांजी आयुषी, सास और भतीजे बलराम पर प्रॉपर्टी के विवाद और हत्या की आशंका जताते हुए शिकायत दर्ज कराई, तो जांच का रुख बदल गया। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो सच सामने आ गया। फुटेज में साफ दिखा कि सड़क पूरी तरह खाली थी, गाड़ी और महिला की दिशा विपरीत थी और ओवरटेक जैसी कोई स्थिति नहीं थी। एक अन्य फुटेज में वही स्कॉर्पियो महिला की रेकी करती हुई नजर आई, जिससे साफ हो गया कि यह एक्सीडेंट नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश थी।
pc- ndtv





