77th Republic Day: स्वदेशी मिसाइल से लेकर ऑपरेशन सिंदूर तक दिखी परेड में...भैरव बटालियन ने उड़ाई दुश्मन की निंद
- byShiv
- 27 Jan, 2026
इंटरनेट डेस्क। भारत ने सोमवार को 77वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस मौके पर भारत ने अपनी सांस्कृतिक विरासत, आर्थिक विकास और सैन्य शक्ति का भव्य प्रदर्शन दुनिया को दिखयाा। इस दौरान युद्धक विमान, स्वदेश निर्मित मिसाइल और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल किये गए घातक हथियार शामिल थे। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने मुख्य अतिथि के रूप में समारोह की शोभा बढ़ाई।

यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष हुई शामिल
परेड की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष और यूरोपीय यूनियन की अध्यक्ष के साथ पारंपरिक बग्गी पर सवार होकर कर्तव्य पथ पर पहुंचने के बाद हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कई अन्य केंद्रीय मंत्री, देश के शीर्ष सैन्य अधिकारी, विदेशी राजनयिक और वरिष्ठ अधिकारी इस दौरान कर्तव्य पथ पर मौजूद थे।
देखने को मिले ये खास हथियार
पीएम मोदी ने समारोह के बाद सोशल मीडिया पर कहा, ‘गणतंत्र दिवस की परेड ने भारत के सशक्त सुरक्षा तंत्र को प्रदर्शित किया, जो देश की तैयारी, तकनीकी क्षमता और अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति अडिग प्रतिबद्धता दर्शाता है.’ परेड में प्रदर्शित प्रमुख हथियार प्रणालियों में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल और आकाश हथियार प्रणाली, रॉकेट लॉन्चर प्रणाली सूर्यास्त्र, मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन, धनुष तोप और दिव्यास्त्र शामिल था। इस दौरान लगभग 100 कलाकारों ने ‘विविधता में एकता’ की थीम पर आधारित प्रस्तुति के माध्यम से परेड की शुरुआत की। इस प्रस्तुति में विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों का भव्य प्रदर्शन किया गया।
सलामी मंच पर दिखा टी-90 भीष्म टैंक, अपाचे हेलीकॉप्टर
इस दौरान ‘हाई मोबिलिटी रिकॉन्सेंस व्हीकल’ आया, हवाई सहायता प्रदान करने के लिए स्वदेशी ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर और इसका सशस्त्र संस्करण, रुद्र, प्रहार फॉर्मेशन में, युद्ध के मैदान को आकार देने का कौशल प्रदर्शन कर रहा था।

यूरोपीय यूनियन की सैन्य टुकड़ी परेड में शामिल
नवगठित भैरव बटालियन के दस्ते ने भी परेड में ध्यान आकर्षित किया। यह बटालियन एक विशेष हमलावर इन्फैंट्री यूनिट है, जिसका उद्देश्य पारंपरिक इन्फैंट्री और विशेष बलों की क्षमताओं के बीच सेतु बनाना है। यूरोपीय यूनियन की एक सैन्य टुकड़ी भी परेड में शामिल थी। इसने सैन्य स्टाफ का झंडा और समूह के नौसैनिक अभियान, ऑपरेशन अटलांटा और एस्पाइड्स के झंडे भी थे।
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