Birth-Death Certificate Rules: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने के बदले नियम, 2 साल की देरी पर जाना होगा कोर्ट

इंटरनेट डेस्क। राज्यसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच ‘जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026’ ध्वनि मत से पारित हो गया। पिछले हफ्ते लोकसभा की मुहर लगने के बाद अब इस बिल को संसद की पूरी मंजूरी मिल गई है। 

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय द्वारा पेश किए गए इस नए विधेयक का मुख्य मकसद देश में जन्म और मृत्यु के रजिस्ट्रेशन से जुड़े पुराने नियमों को सख्त बनाना है। सरकार का मानना है कि फर्जी दस्तावेज और देर से होने वाले रजिस्ट्रेशन के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए कानूनों को मजबूत करना बहुत जरूरी हो गया था।

देरी से रजिस्ट्रेशन पर अब सख्त हुए नियम
इस नए कानून के लागू होने के बाद अगर कोई व्यक्ति किसी बच्चे के जन्म या किसी व्यक्ति की मृत्यु के 2 साल बाद रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचता है, तो उसे अब सीधे अधिकारियों के चक्कर काटने से राहत नहीं मिलेगी। दो साल से अधिक की देरी वाले मामलों में अब फर्स्ट क्लास ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट का लिखित आदेश अनिवार्य कर दिया गया है।

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