BoB बनाम SBI: 2026 में आपको कौन सा PSU बैंक स्टॉक चुनना चाहिए?

BoB बनाम SBI: 2026 में सरकारी बैंक शेयरों में निवेश के लिए कौन है बेहतर विकल्प?

पिछले कुछ वर्षों में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने जबरदस्त सुधार दिखाया है। घटते एनपीए, मजबूत बैलेंस शीट और रिकॉर्ड मुनाफे ने निवेशकों का भरोसा फिर से बढ़ाया है। फरवरी 2026 के ताजा परिदृश्य में State Bank of India (SBI) और Bank of Baroda (BoB) दोनों ही मजबूत स्थिति में हैं, लेकिन निवेश के नजरिए से दोनों की अलग पहचान है।

अगर आप PSU बैंक शेयरों में निवेश का सोच रहे हैं, तो यह तुलना आपके लिए उपयोगी होगी।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI): भरोसेमंद दिग्गज

SBI देश का सबसे बड़ा बैंक है और इसकी पहुंच पूरे भारत में है। FY2026 की तीसरी तिमाही में बैंक ने ₹21,028 करोड़ का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया।

मुख्य खूबियां

  • विशाल डिपॉजिट बेस
  • लगभग 16% सालाना लोन ग्रोथ
  • मजबूत डिजिटल प्लेटफॉर्म YONO
  • बीमा और म्यूचुअल फंड जैसी सहायक कंपनियां
  • बाजार गिरावट में अपेक्षाकृत स्थिर

किसके लिए बेहतर:
लंबी अवधि और कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशकों के लिए SBI उपयुक्त माना जाता है।

बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB): तेजी की संभावना वाला शेयर

आकार में छोटा होने के बावजूद बैंक ऑफ बड़ौदा लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। हालिया तिमाही में बैंक ने ₹5,442 करोड़ से अधिक का शुद्ध लाभ दर्ज किया।

क्यों आकर्षक है

  • बुक वैल्यू के आसपास ट्रेडिंग
  • बेहतर होती एसेट क्वालिटी
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म BoB World
  • तेजी के समय ज्यादा रिटर्न की संभावना
  • कम कीमत के कारण रिटेल निवेशकों में लोकप्रिय

किसके लिए बेहतर:
मध्यम जोखिम लेकर बेहतर रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए उपयुक्त।

मुख्य तुलना

मार्केट कैप

  • SBI: ₹10 लाख करोड़+
  • BoB: ₹1.5 लाख करोड़ के आसपास

डिविडेंड यील्ड

  • BoB: ~2.87%
  • SBI: ~1.3%

जोखिम

  • SBI: ज्यादा स्थिर
  • BoB: थोड़ा अधिक उतार-चढ़ाव लेकिन उच्च संभावित रिटर्न

2026 में निवेशकों के लिए रणनीति

SBI चुनें अगर:

  • आप स्थिरता चाहते हैं
  • लंबी अवधि का निवेश है
  • कम जोखिम पसंद है

BoB चुनें अगर:

  • वैल्यू निवेश पसंद है
  • थोड़ा जोखिम ले सकते हैं
  • बेहतर डिविडेंड चाहते हैं

SBI और बैंक ऑफ बड़ौदा दोनों ही मजबूत सरकारी बैंक हैं। जहां SBI स्थिरता और आकार का फायदा देता है, वहीं BoB वैल्यू और ग्रोथ का अवसर प्रदान करता है। समझदारी भरा कदम यह हो सकता है कि निवेश को दोनों में बांटकर जोखिम और रिटर्न का संतुलन बनाया जाए।

नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।