Digital Arrest Fraud: ‘डिजिटल अरेस्ट’ के नाम पर हो रही है लाखों की ठगी, जानें क्या है यह नया साइबर फ्रॉड और कैसे बचें
- byvarsha
- 23 Oct, 2026
PC: Nai duniya
डिजिटल अरेस्ट इन दिनों तेजी से बढ़ता हुआ एक साइबर क्राइम का रूप बन चुका है। इसमें ठग लोगों के मन में कानूनी कार्रवाई का ऐसा डर पैदा करते हैं कि पीड़ित दबाव में आकर अपनी पूरी जीवन भर की कमाई उनके खातों में ट्रांसफर कर देता है। हाल ही में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं जहाँ मासूम नागरिकों को निशाना बनाया गया है।
क्या है 'डिजिटल अरेस्ट' स्कैम?
नकली अथॉरिटी बनकर कॉल: ठग आपको अचानक फोन करते हैं और दावा करते हैं कि आपके नाम से भेजे गए किसी कूरियर (Courier) में नशीले पदार्थ (Drugs), फर्जी पासपोर्ट या अवैध सामान मिला है।
वीडियो कॉल पर दबाव: इसके बाद वे आपको स्काइप (Skype) या व्हाट्सऐप (WhatsApp) पर वीडियो कॉल जोड़ने के लिए मजबूर करते हैं। कॉल पर सामने बैठा व्यक्ति असली जैसा दिखने वाला पुलिस स्टेशन का सेटअप, वर्दी और आधिकारिक आईडी कार्ड दिखाता है।
कमरे में बंद रहने का डर: वे पीड़ित को कहते हैं कि आप जांच पूरी होने तक किसी से बात नहीं कर सकते और आपको कैमरे के सामने ही बने रहना होगा। इसे ही 'डिजिटल अरेस्ट' का नाम दिया जाता है।
पैसों की मांग: जांच से नाम हटाने या केस खत्म करने के नाम पर वे पीड़ित से फर्जी 'सीक्रेसी बॉन्ड' के रूप में लाखों रुपये ट्रांसफर करवा लेते हैं।
बचाव के लिए 5 जरूरी सुरक्षा टिप्स (Tech Safety Tips)
कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' नाम की कोई चीज नहीं: याद रखें कि भारत के कानून में किसी भी पुलिस या जांच एजेंसी (CBI, ED, Cyber Crime, Police) द्वारा वीडियो कॉल पर गिरफ्तार या 'डिजिटल अरेस्ट' करने का कोई प्रावधान नहीं है।
घबराएं नहीं, कॉल तुरंत काटें: यदि कोई भी व्यक्ति आपको फोन पर कूरियर, अरेस्ट वारंट या अवैध सामान के नाम पर डराए, तो घबराने के बजाय तुरंत कॉल काट दें।
निजी जानकारी शेयर न करें: अनजान नंबरों से आए वीडियो कॉल को उठाने से बचें और अपनी कोई भी निजी जानकारी (आधार, पैन, बैंक डिटेल्स) साझा न करें।
स्थानीय पुलिस से संपर्क करें: यदि आपको किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई की धमकी मिलती है, तो बिना डरे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन जाकर पुष्टि करें।
शिकायत दर्ज करें: इस तरह के फर्जी कॉल आते ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।






