डॉक्टरों ने महिलाओं को दी चेतावनी, दर्द को गैस या पीरियड्स में ऐंठन समझकर ना करें नजरअंदाज, हो सकता है कैंसर का खतरा

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जिन दर्द को अक्सर छोटी-मोटी हेल्थ प्रॉब्लम समझकर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है, उनसे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। पेट फूलना, गैस, जल्दी पेट भरना, भूख न लगना, लगातार थकान या पीरियड्स में दर्द महिलाओं के लिए आम प्रॉब्लम हैं, लेकिन अगर ये प्रॉब्लम बार-बार हों, तो ये इस बीमारी के बढ़ते खतरे का कारण भी हो सकती हैं। हम आपको बताते हैं कि ये दर्द ओवेरियन कैंसर के शुरुआती लक्षण हो सकते हैं। ज़्यादातर महिलाएं इन लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देती हैं और इन्हें छोटी-मोटी प्रॉब्लम समझकर डॉक्टर से सलाह नहीं लेतीं, जिससे इस बीमारी का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जाता है। यही वजह है कि महिलाओं में कैंसर का खतरा सबसे ज़्यादा होता है।

इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के CEO और ऑन्कोलॉजी नेटवर्क के क्लिनिकल हेड डॉ. हरित चतुर्वेदी ने कहा कि ओवेरियन कैंसर को 'साइलेंट किलर' कहा जाता है। इसके शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जिससे इसे तुरंत पहचानना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को लगातार पेट दर्द को नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए और समय पर चेक-अप के लिए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, बदलती लाइफस्टाइल, मोटापा, हार्मोनल इम्बैलेंस, स्ट्रेस और रेगुलर हेल्थ चेक-अप न करवाना इस बीमारी के कुछ बड़े कारण हैं। भारत में हर साल ओवेरियन कैंसर के लगभग 47,000 नए मामले सामने आते हैं, जबकि दिल्ली में 2,200 महिलाएं इससे पीड़ित हैं।

डॉक्टरों ने कहा कि इस बीमारी की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि इसका शुरुआती स्टेज में पता नहीं चल पाता है। चूंकि महिलाएं पेट दर्द, गैस, ब्लोटिंग या भूख न लगने जैसे आम लक्षणों को नज़रअंदाज़ कर देती हैं, इसलिए बीमारी का पता नहीं चल पाता और धीरे-धीरे बीमारी बिगड़ती जाती है। इसलिए, अगर महिलाओं को ये आम लगने वाली समस्याएं बार-बार होती हैं, तो उन्हें सही समय पर डॉक्टर के पास जाकर इसका इलाज करवाना चाहिए। समय पर इलाज से बीमारी का खतरा कम करने में मदद मिलती है।


ओवेरियन कैंसर क्या है?

ओवेरियन कैंसर एक गंभीर बीमारी है जो महिलाओं को होती है। इसमें शरीर में ओवरीज़ अंडे बनाती हैं। जब वहां के सेल्स असामान्य रूप से बढ़ने लगते हैं, तो यह कैंसर में बदलने लगता है। यह बीमारी कई वजहों से हो सकती है जैसे बढ़ती उम्र, फैमिली हिस्ट्री, हार्मोनल बदलाव, मोटापा और अनहेल्दी लाइफस्टाइल।