Ethanol-Diesel: डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्रयोग हुआ फेल, सरकार ने माना सुरक्षा मानकों को पर नहीं उतरा खरा

इंटरनेट डेस्क। पेट्रोल में इथेनॉल को लेकर देश में पहले ही हो हंगामा जारी है। इस बीच एक नई खबर और सामने आई हैं और वो ये की डीजल में इथेनॉल मिलाने का प्रयोग सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतर पाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने सोमवार को संसद में बताया कि डीजल में इथेनॉल मिलाने से ईंधन का फ्लैश पॉइंट काफी कम हो गया, जिसके कारण यह तय सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं कर सका।

क्या बताया मंत्री ने

मीडिया रिपोटर्स की माने तो सुरेश गोपी ने संसद में लिखित जवाब में बताया कि सरकारी तेल कंपनियों ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेंटरों के जरिए डीजल में इथेनॉल ब्लेंडिंग का वैज्ञानिक परीक्षण किया। इन परीक्षणों में मान्यता प्राप्त लैब और वाहन बनाने वाली कंपनियों ने भी सहयोग किया। जांच में पाया गया कि इथेनॉल मिलाने के बाद डीजल का फ्लैश पॉइंट तय सीमा से काफी नीचे चला गया। इसलिए इथेनॉल-ब्लेंडेड डीजल जरूरी सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा।
नहीं मिलाया जा रहा आइसोब्यूटेनॉल

संसद में यह भी पूछा गया कि क्या डीजल में आइसोब्यूटेनॉल मिलाया जा रहा है। इस पर मंत्री ने साफ किया कि फिलहाल डीजल में आइसोब्यूटेनॉल की ब्लेंडिंग नहीं की जा रही है।

pc- navbharat, awazthevoice.in