भारतीय रेलवे के सख्त नए नियम: बोर्डिंग स्टेशन छूटा तो तुरंत किसी और को मिल सकती है आपकी सीट
- byrajasthandesk
- 07 Feb, 2026
भारतीय रेलवे से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह नियम जानना बेहद जरूरी हो गया है। पहले आम धारणा थी कि अगर किसी वजह से यात्री अपने तय बोर्डिंग स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाता है, तो उसकी आरक्षित सीट अगले एक-दो स्टेशनों तक सुरक्षित रहती है। इसी भरोसे कई लोग टैक्सी या अन्य साधनों से अगले स्टेशन तक पहुंचने की कोशिश करते थे। लेकिन अब यह सोच आपको भारी नुकसान पहुंचा सकती है।
रेलवे ने अब सीट प्रबंधन को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है, जिससे बोर्डिंग में जरा सी देरी भी आपकी कन्फर्म सीट छीन सकती है।
अब कोई इंतजार नहीं: TTE तुरंत करता है कार्रवाई
पहले टिकट चेकिंग स्टाफ कागजी चार्ट के जरिए यात्रियों की उपस्थिति दर्ज करता था। इससे यात्रियों को अगले स्टेशन तक पहुंचने का मौका मिल जाता था। लेकिन अब टीटीई के पास हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) डिवाइस होते हैं, जो सीधे रेलवे के सर्वर से जुड़े रहते हैं।
जैसे ही ट्रेन आपके बोर्डिंग स्टेशन से रवाना होती है और आप अपनी सीट पर मौजूद नहीं पाए जाते, टीटीई आपको सिस्टम में “अनुपस्थित” दर्ज कर देता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह रियल-टाइम होती है।
कुछ ही मिनटों में किसी और को मिल जाती है सीट
एक बार अनुपस्थिति दर्ज होते ही आपकी सीट रेलवे सिस्टम में खाली दिखाई देने लगती है। इसके बाद यह सीट तुरंत वेटिंग लिस्ट या करंट बुकिंग वाले किसी अन्य यात्री को आवंटित कर दी जाती है।
अगर आप अगले स्टेशन पर पहुंचकर ट्रेन पकड़ने की कोशिश करते हैं, तो संभव है कि आपकी सीट पहले ही किसी और के नाम हो चुकी हो। इस स्थिति में टीटीई भी आपकी मदद नहीं कर सकता, क्योंकि सीट आधिकारिक रूप से दोबारा बेच दी जाती है।
रेलवे ने क्यों बदले नियम?
इन नियमों का मकसद ट्रेनों में खाली सीटों की संख्या कम करना और वेटिंग लिस्ट वाले यात्रियों को राहत देना है। हर साल बड़ी संख्या में सीटें नो-शो यात्रियों के कारण खाली रह जाती थीं। डिजिटल निगरानी से रेलवे यह सुनिश्चित कर रहा है कि हर उपलब्ध सीट का सही उपयोग हो।
यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां
अगर आप अपनी कन्फर्म सीट सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो इन बातों का ध्यान जरूर रखें:
बोर्डिंग स्टेशन समय रहते बदलें:
अगर आपको पहले से पता है कि आप अपने मूल स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे, तो यात्रा से कम से कम 24 घंटे पहले IRCTC की वेबसाइट या ऐप पर बोर्डिंग पॉइंट बदल लें।
समय से पहले स्टेशन पहुंचें:
कोशिश करें कि ट्रेन के प्रस्थान समय से कम से कम 30 मिनट पहले स्टेशन पर मौजूद रहें।
कनेक्टिंग ट्रेन की स्थिति:
यदि किसी अन्य ट्रेन की देरी के कारण आपकी यात्रा प्रभावित हो रही है, तो तुरंत रेलवे अधिकारियों से संपर्क करें या रिफंड नियमों की जानकारी लें।
भारतीय रेलवे का यह नया नियम सिस्टम को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाता है, लेकिन यात्रियों के लिए यह काफी सख्त भी है। अब ट्रेन छूटने का मतलब सिर्फ यात्रा रुकना नहीं, बल्कि आपकी पक्की सीट भी हाथ से जाना हो सकता है। इसलिए अगली बार टिकट बुक करते समय और यात्रा से पहले समय का विशेष ध्यान रखें—क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही आपकी पूरी यात्रा बिगाड़ सकती है।






