सिर्फ ₹5,000 की SIP से अमीर नहीं बनेंगे! यह स्मार्ट तरीका अपनाएं और बड़ा फंड बनाएं

₹5,000 की मासिक SIP शुरू करना आज के समय में सबसे आम निवेश कदम है। यह निवेश में अनुशासन सिखाती है, बाजार के उतार-चढ़ाव की चिंता कम करती है और यह भरोसा देती है कि कंपाउंडिंग समय के साथ बड़ा फंड बना देगी। लेकिन कई निवेशक कुछ साल बाद महसूस करते हैं कि उनका पोर्टफोलियो उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रहा। सच्चाई यह है कि सिर्फ ₹5,000 की SIP से बड़ा धन बनना मुश्किल है

यह समस्या न तो म्यूचुअल फंड की है और न ही बाजार की। असली समस्या निवेश के ढांचे में है। आइए इसे आसान भाषा में समझते हैं।

क्यों नहीं दिखता बड़ा असर

₹5,000 महीना सुनने में सही लगता है क्योंकि यह बजट पर भारी नहीं पड़ता। सालभर में यह रकम ₹60,000 होती है। मान लीजिए कि आपको 12% का अच्छा रिटर्न भी मिल जाए, तब भी शुरुआती सालों में फायदा बहुत सीमित रहता है। वजह साफ है—कंपाउंडिंग तभी तेज होती है जब निवेश की राशि भी समय के साथ बढ़े

सिर्फ अनुशासन से रफ्तार नहीं आती, उसके लिए निवेश का स्केल बढ़ाना जरूरी होता है।

सबसे बड़ी गलती क्या है

अधिकतर लोग SIP शुरू तो कर देते हैं, लेकिन सालों तक उसी रकम को बनाए रखते हैं। जबकि इस दौरान उनकी सैलरी बढ़ती है, आय के नए स्रोत बनते हैं और खर्च भी बदलते हैं। SIP नहीं बढ़ाने का नतीजा यह होता है कि पोर्टफोलियो अपनी पूरी क्षमता से नहीं बढ़ पाता।

Step-Up SIP से कैसे बदलती है तस्वीर

Step-Up SIP में हर साल निवेश की रकम बढ़ाई जाती है, आमतौर पर 5% या 10% तक। यह बढ़ोतरी आपकी आय के हिसाब से होती है और ज्यादा बोझ भी नहीं डालती।

अगर 20 साल तक 12% अनुमानित रिटर्न मानें:

  • सामान्य ₹5,000 SIP से लगभग ₹50 लाख का फंड बनता है
  • 10% सालाना Step-Up के साथ यही SIP करीब ₹1.15 करोड़ तक पहुंच सकती है

यह फर्क रिटर्न का नहीं, बल्कि निवेश की बढ़ती रकम का है।

निवेशकों के लिए सबसे जरूरी सीख

अगर आपका लक्ष्य लंबी अवधि में बड़ा फंड बनाना है—चाहे रिटायरमेंट हो या फाइनेंशियल फ्रीडम—तो सिर्फ छोटी SIP पर निर्भर रहना सही रणनीति नहीं है। सही तरीका यह है कि SIP की शुरुआत छोटी करें, लेकिन हर साल उसे बढ़ाते रहें।

नियमित Step-Up SIP ही कंपाउंडिंग की असली ताकत दिखाती है और साधारण निवेश को असाधारण नतीजों में बदल देती है।