पाकिस्तानः जेल में बंद पूर्व पीएम इमरान खान की एक आंख की रोशनी हुई खत्म, सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को लगाई फटकार

इंटरेनट डेस्क। पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत की जांच के लिए एक मेडिकल बोर्ड बनाने का निर्देश दिया हैं। यह आदेश तब आया जब उनकी एक आंख की रोशनी जाने की खबरें सामने आईं है। खबरों की माने तो चीफ जस्टिस याह्या अफरीदी और जस्टिस शाहिद बिलाल हसन की बेंच ने अधिकारियों को खान और उनके दो बेटों के बीच बातचीत को आसान बनाने का भी निर्देश दिया। 

खबरों की माने तो सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अफरीदी ने कहा कि इमरान की सेहत का मामला सबसे ज़रूरी है। दखल देना ज़रूरी है। उनके बेटे के साथ उनके फोन कॉल भी ज़रूरी हैं। अटॉर्नी जनरल मंसूर उस्मान अवान ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री को मेडिकल केयर देना सरकार की जिम्मेदारी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सलमान सफदर की इमरान खान से मुलाकात, सेल की हालत, उन्हें दी गई सुविधाएं, उनके रहने की जगह का ब्यौरा और वकील के जेल पहुंचने के प्रोसेस के बारे में डिटेल में बताया गया है। सफदर ने खान के हवाले से कहा कि इंजेक्शन समेत इलाज मिलने के बावजूद, उनकी दाहिनी आंख में सिर्फ 15 प्रतिशत ही रोशनी बची है।

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