PM-Kisan 22वीं किस्त अपडेट: 2026 में किसानों को कब मिलेगा अगला भुगतान?
- byrajasthandesk
- 06 Jan, 2026
देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज भी एक मजबूत आर्थिक सहारा बनी हुई है। खेती की बढ़ती लागत, महंगे बीज और खाद के बीच यह योजना किसानों को साल भर राहत देती है।
नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही किसानों की निगाहें अब पीएम किसान की 22वीं किस्त पर टिकी हैं। हर लाभार्थी यह जानना चाहता है कि पैसा कब आएगा और किस्त पाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना क्या है?
PM-Kisan योजना की शुरुआत साल 2019 में की गई थी। इसके तहत पात्र किसानों को हर साल ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में ₹2,000 करके सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजी जाती है।
इस योजना का मकसद किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक, सिंचाई और अन्य खेती से जुड़ी जरूरतों में मदद करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 9 करोड़ से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब तक सरकार 21 किस्तें जारी कर चुकी है और हजारों करोड़ रुपये डीबीटी के जरिए किसानों के खातों में भेजे जा चुके हैं।
22वीं किस्त कब आ सकती है?
फिलहाल सरकार की ओर से 22वीं किस्त की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है। हालांकि, पिछले वर्षों के पैटर्न को देखें तो हर चार महीने में एक किस्त जारी की जाती है।
इसी आधार पर माना जा रहा है कि पीएम किसान की 22वीं किस्त फरवरी 2026 के आसपास किसानों के खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।
22वीं किस्त पाने के लिए जरूरी शर्तें
अगर आप चाहते हैं कि आपकी किस्त बिना किसी रुकावट के मिले, तो इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
- ई-केवाईसी पूरी होनी चाहिए
- बैंक खाता आधार से लिंक होना चाहिए
- भूमि रिकॉर्ड सही और अपडेट होने चाहिए
- बैंक खाता सक्रिय होना चाहिए
इनमें से किसी भी प्रक्रिया में कमी होने पर आपकी किस्त अटक सकती है।
किस्त अटकने से कैसे बचें?
कई बार छोटी-सी गलती के कारण किसानों को भुगतान नहीं मिल पाता। इसलिए समय-समय पर पीएम किसान पोर्टल पर जाकर अपनी जानकारी जरूर जांचें और किसी भी गलती को तुरंत ठीक कराएं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना आज भी किसानों के लिए भरोसेमंद आर्थिक सहायता का माध्यम बनी हुई है। सभी जरूरी औपचारिकताएं पूरी रहने पर उम्मीद है कि 22वीं किस्त तय समय पर किसानों के खातों में पहुंच जाएगी और उन्हें खेती के कामों में राहत मिलेगी।






