इन मंदिरों से कभी वापस नहीं लाना चाहिए प्रसाद, गृहण करने से तो रहे बहुत दूर
- byShiv
- 11 Nov, 2025
इंटरनेट डेस्क। भारत एक ऐसा देश हैं जहां भगवान की पूजा बड़ी श्रद्धा और भाव के साथ की जाती हैं। वैसे भगवान के मंदिरों में जाने वाले श्रद्धालुं भगवान के लिए प्रसाद जरूर लेकर जाते है। लेकिन कई सारे ऐसे रहस्यमयी मंदिर हैं, जो विचित्र कथाओं और अलौकिक घटनाओं के लिए जाने जाते हैं। ऐसे ही मंदिर के बारे में हम जानेंगे जहां का प्रसाद घर नहीं लाना चाहिएं।
मेहंदीपुर बालाजी
राजस्थान में हनुमान जी का बेहद पॉपुलर मंदिर है। इस मंदिर में भगवान बालाजी को बूंदी के लड्डू का प्रसाद चढ़ाया जाता है, लेकिन यहां चढ़ाया हुआ प्रसाद कभी भी घर नहीं लाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार इस मंदिर का प्रसाद घर लेना और ग्रहण करना बेहद अशुभ होता है।
कामख्या देवी मंदिर (असम)
असम के गुवाहाटी में मौजुद कामख्या देवी मंदिर को सभी शक्ति पीठों में से सबसे शक्तिशाली माना जाता है। यहां मां कामख्या देवी की पूजा उनके मासिक धर्म के दौरान की जाती है, इसमें देवी की योनि की पूजा की जाती है और सृष्टि की शक्ति का सम्मान किया जाता है। कथाओं के अनुसार इस मंदिर में तंत्र साधना भी की जाती हैं यह एक गुप्त और मौखिक परंपरा है, इसलिए इस मिंदर का प्रसाद घर लाना मना है।
उज्जैन में काल भैरव मंदिर
मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित काल भैरव मंदिर पूरे भारत में बेहद प्रसिद्ध है, इस मंदिर में भक्त काल भैरव को शराब चढ़ाते हैं, लेकिन गृहस्थों को इस प्रसाद का सेवन करने की अनुमती नहीं होती है, अगर कोई व्यक्ति इस नियम को तोड़ता बै, तो उसके जीवन में संकट आने लगते हैं।
pc- herzindagi.com






