Saphala Ekadashi 2025: जाने कब हैं सफला दकादशी और क्या हैं इसका महत्व, इस विधि से पूजा करने से मिलता हैं दोगुना फल
- byShiv
- 13 Dec, 2025
इंटरनेट डेस्क। हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, महीने में 2 बार आने वाली एकादशी का व्रत करना बहुत ही शुभ बताया गया है। ऐसे में पौष माह के कृष्ण पक्ष में पड़ने वाली एकादशी को सफला एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन व्रत करने से जीवन के हर उस कार्य में सफलता प्राप्त होती है, जिस कार्य को करके और बार-बार विफल हो रहे हों। यह एकादशी का व्रत बहुत विशेष होता है, जानते हैं साल 2025 में यह एकादशी का व्रत कब और किस दिन रखा जाएगा।
सफला एकादशी 2025 तिथि
एकादशी तिथि की शुरुआत 14 दिसंबर, 2025 को शाम 6 बजकर 49 मिनट पर होगी
एकादशी तिथि का अंत 15 दिसंबर 2025 को रात 9 बजकर 19 मिनट पर होगा
इसीलिए सफला एकादशी का व्रत 15 दिसंबर 2025, सोमवार के दिन रखा जाएगा.
व्रत का पारण अगले दिन 16 दिसंबर को किया जाएगा
सफला एकादशी व्रत महत्व
शास्त्रों के अनुसार सफला एकादशी का व्रत करन से सद्बुद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही जीवन के वो कार्य पूरे होते हैं जो लंबे समय से अधूरे हो, पौष कृष्ण की इस एकादशी पर जो लोग श्रद्धापूर्वक रखते हैं और नियमों का पालन करता है, उसके सभी पाप नष्ट होते हैं। सभी बाधाएं और समस्याएं दूर होती हैं और व्यक्ति जीवन के सभी क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करता है।
सफला एकादशी पूजन विधि
इस दिन सुबह उठकर व्रत का संकल्प लें, सुबह स्नान के बाद मंदिर में भगवान विष्णु की मूर्ति स्थापित करें, एक चौकी पर पीले रंग का कपड़ा बिछाकर प्रतिमा स्थापित करें, भगवान को गंगाजल छिड़कें और फिर साफ वस्त्र पहनाएं, इसके बाद श्रीहरि का श्रृंगार करें, चंदन का तिलक लगाने के बाद भगवान को फल, फूल, मिठाई, भोग, नैवेद्य और तुलसी दल जैसी चीजें अर्पित करें, सफला एकादशी की व्रत कथा पढ़ें।
pc- amar ujala





