8th Pay Commission : क्या 8वां वेतन आयोग लागू होते ही बुजुर्ग पेंशनरों के लिए लॉटरी लगेगी? पेंशन को लेकर बड़ा अपडेट

PC: Punjab kesari

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें पे कमीशन की सिफारिशें इस समय चर्चा में हैं। अब तक सैलरी और अलाउंस में संभावित बदलावों की बात होती रही है। हालांकि, अब रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन को लेकर अहम संकेत मिल रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1 जनवरी, 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन को आठवें पे कमीशन के दायरे में लाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी इस पर कोई आखिरी फैसला नहीं लिया है। इसलिए, फिलहाल इसे एक संभावित बदलाव के तौर पर ही देखना होगा।

पेंशनर संगठनों की ToR में बदलाव की मांग
अलग-अलग कर्मचारी और पेंशनर संगठन आठवें पे कमीशन के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में बदलाव की मांग कर रहे हैं। भारत पेंशनर समाज (BPS) और ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) समेत संगठनों ने मांग की है कि पुराने पेंशनर्स के हितों पर विचार किया जाए।

उनके मुताबिक, कमीशन की सिफारिशें सिर्फ अभी नौकरी कर रहे कर्मचारियों की सैलरी तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उनका कहना है कि बुजुर्ग पेंशनर्स और उनके परिवारों की फाइनेंशियल सिक्योरिटी पर भी विचार किया जाना चाहिए।

क्या बुजुर्ग पेंशनर्स की पेंशन फिर से तय होगी?

संगठनों की मुख्य मांग यह है कि 1 जनवरी, 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों और उनके परिवारों की पेंशन फिर से तय करनी होगी। संगठनों ने ToR में ‘अनफंडेड कॉस्ट ऑफ नॉन-कंट्रीब्यूटरी पेंशन स्कीम’ जैसे शब्दों पर भी आपत्ति जताई है।

इस बीच, आठवें वेतन आयोग के ToR में बदलाव की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है। इससे पहले, पांचवें, छठे और सातवें वेतन आयोगों के ToR में भी ज़रूरत के हिसाब से बदलाव किए गए थे। इसलिए, केंद्र सरकार के ToR में बदलाव के फैसले से बुजुर्ग पेंशनर्स को भी आठवें वेतन आयोग का फायदा मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, इस बारे में फिलहाल कोई आखिरी सरकारी घोषणा नहीं की गई है।