Ajmer Dargah: अजमेर दरगाह में शिव मंदिर होने का दावा, कोर्ट ने याचिका को किया स्वीाकर, अब होगी....
- byShiv
- 28 Nov, 2024
इंटरनेट डेस्क। राजस्थान की और विश्व विख्यात ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में संकट मोचन महादेव मंदिर होने का दावा किया गया हैं और इस दावे के बाद कोर्ट में याचिका लगाई गई है, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। यानी अब इस मामले में कोर्ट आगे भी सुनवाई करेगी। कोर्ट ने इस याचिका को सुनवाई के योग्य माना है, बता दें, इस याचिका को हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता द्वारा दायर किया गया था। अब इस वाद पर सिविल न्यायाधीश संख्या दो के जज ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किये है।
कब लगाई थी याचिका
मीडिया रिपाटर्स की माने तो वादी दिल्ली के रहने वाले हिंदू राष्ट्र सेना के अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने अधिवक्ता ईश्वर सिंह और रामस्वरूप विश्नोई के द्वारा दरगाह कमेटी के कथित अनाधिकृत कब्जा हटाने संबंधी वाद दो महीने पहले याचिका दायर की थी। वादी की और से कभी क्षेत्राधिकार तो कभी इंग्लिश की जगह हिंदी में वाद दायर को लेकर अदालत की चौक रिपोर्ट में आपत्तियां आ चुकीं थी। पिछली पेशी में वादी हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता की ओर से अंग्रेजी में मूल वाद प्रस्तुत करने पर दावे का हिंदी में रूपांतरण प्रस्तुत करने को कहा गया था, साथ ही अदालत ने केस से संबंधित दस्तावेज मय शपथ पत्र मांगे थे।
कोर्ट ने प्रतिवादी को नोटिस जारी किया
मीडिया रिपोटर्स की मान ले तो इससे पहले पेशी पर प्रकरण अतिरिक्त न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत से वापस लेकर सक्षम अदालत सिविल न्यायाधीश पश्चिम में पेश किया गया। हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दिल्ली के वकील शशि रंजन सिंह के जरिए अजमेर की सीजेएम कोर्ट में 25 सितबर को दायर किया था। याचिका में दावा किया गया था कि दरगाह की जमीन पर पूर्व में भगवान शिव का मंदिर था, वहां पूजा पाठ और जलाभिषेक किया जाता रहा है, दरगाह परिसर में एक जैन मंदिर होने का भी दावा किया गया है। याचिका में अजमेर के रहने वाले हरविलास शारदा द्वारा 1911 में लिखी गई एक पुस्तक का हवाला दिया गया हैं
pc- ndtv raj






