एलन मस्क के पोस्ट ने बढ़ाई यूजर्स की टेंशन, कहा WhatsApp की सिक्योरिटी...

PC: TV9

टेस्ला के मालिक अरबपति एलन मस्क के WhatsApp को लेकर किए गए पोस्ट ने हलचल मचा दी है। इसने दुनिया भर के WhatsApp यूज़र्स की टेंशन बढ़ा दी है। हुआ क्या? एलन मस्क ने X पर पोस्ट करके दावा किया है कि WhatsApp सिक्योर नहीं है। उन्होंने इस पोस्ट में Signal की भी बुराई की है। साथ ही, इस पोस्ट में एलन मस्क ने यूज़र्स से कहा है कि आपको X Chat सर्विस का इस्तेमाल करना चाहिए। मस्क का यह पोस्ट अमेरिकी कोर्ट में WhatsApp के चल रहे लीगल केस के बैकग्राउंड में आया है।

यूज़र्स के एक ग्रुप ने केस किया
ब्लूमबर्ग न्यूज़ रिपोर्ट के मुताबिक, यह केस ऑस्ट्रेलिया, मैक्सिको और साउथ अफ्रीका जैसे देशों में रहने वाले यूज़र्स के एक ग्रुप ने किया है। इन यूज़र्स ने दावा किया है कि इस प्लेटफॉर्म की सिक्योरिटी लगभग न के बराबर है। और मेटा के कर्मचारी जब चाहें प्राइवेट मैसेज एक्सेस कर सकते हैं।

यूज़र्स के मैसेज को रियल-टाइम में पढ़ना
मुकदमे का मुख्य आधार एक गवाह की गवाही है, जिसका दावा है कि मेटा का इंटरनल सिस्टम कर्मचारियों को इंटरनल रिक्वेस्ट प्रोसेस के ज़रिए एन्क्रिप्शन को बायपास करने की अनुमति देता है। 51 पेज की शिकायत के अनुसार, मेटा के कर्मचारी कथित तौर पर कंपनी के इंटरनल सिस्टम के ज़रिए टास्क भेजकर एन्क्रिप्शन को बायपास कर सकते हैं। मुकदमे में दावा किया गया है कि एक बार इंजीनियर से रिक्वेस्ट मंज़ूर होने के बाद, कर्मचारी के स्टेशन पर एक विजेट उपलब्ध होता है। इसके ज़रिए, वे यूज़र की यूनिक ID का इस्तेमाल करके रियल-टाइम में यूज़र्स के मैसेज पढ़ सकते हैं।

दावों के लिए कोई टेक्निकल सबूत नहीं
मुकदमे में अब तक इन दावों को साबित करने के लिए कोई टेक्निकल सबूत पेश नहीं किया गया है। WhatsApp ने हमेशा कहा है कि एन्क्रिप्शन की सिर्फ़ भेजने वाले और पाने वाले के डिवाइस पर स्टोर होती है, जिससे कंपनी के लिए बीच में मैसेज को डिक्रिप्ट करना और पढ़ना नामुमकिन हो जाता है।

मेटा ने इन आरोपों से किया इनकार 
कंपनी के एक स्पोक्सपर्सन ने PCMag को बताया कि ये दावे झूठे और फ्रॉड हैं। मेटा ने आगे कहा कि WhatsApp पिछले दस साल से Signal प्रोटोकॉल का इस्तेमाल करके एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड है। यह केस बेबुनियाद है और डिफेंडेंट के वकील के खिलाफ लीगल एक्शन लिया गया है।