EPFO: बड़ी खबर! PF क्लेम रिजेक्ट होने से पहले अलर्ट, यूजर्स के लिए बड़ी सुविधा, क्या है EPFO ​​का प्लान?

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EPFO ने देश के 7 करोड़ से ज़्यादा मेंबर्स के लिए एक ज़रूरी अपडेट दिया है। 26 जून से 3 जुलाई तक EPFO ​​ने सॉफ्टवेयर को CITES 2.01 में अपग्रेड किया है। EPFO ​​की सर्विसेज़ पहले जैसी हो रही हैं। नए सिस्टम में एक ज़रूरी बात सामने आई है। इसके मुताबिक, अगर डॉक्यूमेंट्स में गलतियों या किसी और वजह से PF क्लेम रिजेक्ट होता है, तो मेंबर को इसकी जानकारी दी जाएगी। मेंबर को PF के बारे में अलर्ट मिलेगा। क्लेम रिजेक्ट होने का रेट कम होगा। लेकिन फिर भी अगर क्लेम रिजेक्ट होता है, तो इसकी जानकारी दी जाएगी। जानकारी में गलतियों की जानकारी मेंबर को दी जाएगी। इन गलतियों को ठीक करने के बाद मेंबर दोबारा PF के लिए क्लेम कर सकता है।

ऑटोमैटिक एडमिनिस्ट्रेशन

सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद EPFO ​​ने कुछ बदलाव किए हैं। इस नए सिस्टम में क्लेम के रिजेक्ट होने की संभावना कम है। अगर क्लेम रिजेक्ट होता है, तो मेंबर को गलती के बारे में पहले ही बता दिया जाएगा। जब मेंबर PF अमाउंट निकालने के लिए अप्लाई करेगा, तो उसकी पहले से ऑटोमैटिक जांच हो जाएगी। अगर एप्लीकेशन में दी गई जानकारी गलत है, या कोई और गलती है, तो सिस्टम उसे पहले ही चेक कर लेगा। अगर कोई गलती मिलती है, तो संबंधित PF अकाउंट होल्डर को तुरंत अलर्ट दिया जाएगा। उसे इसे ठीक करने के लिए कहा जाएगा। ये गलतियाँ ठीक होते ही उसका PF क्लेम अप्रूव हो जाएगा।

कर्मचारियों की परेशानी दूर हुई

नए सिस्टम ने कर्मचारियों की परेशानी दूर कर दी है। उन्हें बार-बार क्लेम रिजेक्ट होने का असर नहीं पड़ेगा। अक्सर ज़रूरत के समय पैसों की तुरंत ज़रूरत होती है। ऐसे में PF में जमा रकम एक बड़ा सहारा होती है। क्लेम करते समय कुछ गलतियाँ और कन्फ्यूजन हो सकते हैं। ऐसे में क्लेम रिजेक्ट हो जाता है। लेकिन इससे कर्मचारी को परेशानी होती है। अब यह परेशानी कम हो जाएगी। क्योंकि क्लेम प्रोसेस अपने आप पूरा हो जाएगा। कर्मचारियों को बार-बार क्लेम रिजेक्ट होने का डर नहीं रहेगा। उनके एप्लीकेशन में गलतियाँ मिलने पर क्लेम के दोबारा रिजेक्ट होने की संभावना नहीं रहेगी।

कितना अमाउंट निकाला जा सकता है, यह पहले से पता चल जाएगा

नए सिस्टम से मेंबर्स पहले से देख पाएंगे कि EPF नियमों के मुताबिक इलाज, घर खरीदने, शादी, पढ़ाई वगैरह जैसे कारणों से मैक्सिमम कितना अमाउंट निकाला जा सकता है। इससे मेंबर्स के लिए यह तय करना आसान हो जाएगा कि कितना क्लेम करना है। इस पॉलिसी से एक्स्ट्रा अमाउंट जोड़ने की वजह से रिजेक्ट होने वाले क्लेम की संख्या भी कम हो जाएगी। यह नया सिस्टम मेंबर्स के लिए फायदेमंद होगा।