EPFO: रिटायर कर्मचारी से 2.5 करोड़ वापस मांग बैठा ईपीएफओ, कोर्ट ने कहा एक पैसा वापस नहीं मिलेगा
- byShiv
- 18 Jun, 2026
इंटरनेट डेसक। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी ईपीएफओ में हमाई कमाई का पैसा इक्ट्ठा होता हैं और जरूरत जोने पर हम यहां से अपना पैसा निकालकर अपना काम करते है। लेकिन एक मामले में ईपीएफओं को तेलंगाना हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने साफ कहा है कि रिटायर हो चुके कर्मचारी से उसके प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ का पैसा वापस नहीं मांगा जा सकता, भले ही उस रकम के भुगतान में कंपनी की ओर से नियमों का उल्लंघन हुआ हो। कोर्ट ने ईपीएफओ द्वारा जारी ₹2.5 करोड़ की रिकवरी नोटिस को रद्द कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोटर्स की माने तो यह मामला रिटायर्ड कर्मचारी जेवी नृपेंद्र राव से जुड़ा है, जो 2023 में रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के समय उन्हें अपने पीएफ खाते से ₹2.5 करोड़ मिले थे। इसके अलावा करीब ₹70 लाख की राशि भी उन्हें मिलनी थी, लेकिन वह रकम यस बैंक के बॉन्ड्स में फंसी हुई थी। बैंकिंग और नियामकीय कार्रवाई के कारण इन बॉन्ड्स पर रोक लग गई थी, जिसके चलते भुगतान नहीं हो सका।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब कंपनी ने 1 मार्च 2023 से अपने पीएफ ट्रस्ट की एक्जेम्प्टेड यानी छूट प्राप्त स्थिति छोड़ दी। नियमों के मुताबिक, किसी पीएफ ट्रस्ट के छूट का दर्जा खत्म होने के बाद उसे अपने पास मौजूद पूरी पीएफ राशि ईपीएफ को ट्रांसफर करनी होती है। ईपीएफओ का आरोप था कि कंपनी ने ऐसा करने के बजाय 21 जुलाई 2023 को राव को ₹2.5 करोड़ का भुगतान कर दिया, जो ईपीएफ कानून के प्रावधानों के खिलाफ था। इसके बाद 17 फरवरी 2025 को ईपीएफओ ने राव को नोटिस भेजकर सात दिनों के भीतर ₹2.5 करोड़ की रकम 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ लौटाने को कहा। इस नोटिस से परेशान होकर राव ने तेलंगाना हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
PC- upstox.com






