FASTag Scam Alert 2026: फर्जी QR कोड और नकली वेबसाइट से हो रही ठगी, हाईवे अथॉरिटी ने जारी की चेतावनी

देशभर में FASTag यूजर्स को एक नए साइबर फ्रॉड से सतर्क रहने की जरूरत है। डिजिटल टोल पेमेंट के बढ़ते उपयोग के साथ ठग भी नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। National Highways Authority of India (NHAI) ने इस बढ़ती ठगी को लेकर अलर्ट जारी किया है और लोगों को केवल आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करने की सलाह दी है।

वास्तविक घटना से समझें खतरे की गंभीरता

कल्पना कीजिए कि आप हाईवे पर यात्रा कर रहे हैं और अचानक आपके मोबाइल पर एक मैसेज आता है जिसमें लिखा होता है कि आपका FASTag बैलेंस खत्म होने वाला है या आपका टैग ब्लॉक हो सकता है। मैसेज में एक QR कोड या लिंक दिया जाता है और तुरंत रिचार्ज करने के लिए कहा जाता है।

जनवरी 2026 में एक व्यक्ति के साथ ऐसा ही हुआ। उन्होंने टोल प्लाजा के पास लगे QR कोड को स्कैन किया और आवश्यक जानकारी भर दी। कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से ₹5,000 गायब हो गए। इस तरह की घटनाएं अब तेजी से बढ़ रही हैं।

कैसे काम करता है FASTag फ्रॉड

ठग NHAI या FASTag के नाम से फर्जी SMS या WhatsApp संदेश भेजते हैं। इन मैसेज में कम बैलेंस, KYC अपडेट या सस्ते वार्षिक पास का लालच दिया जाता है।

जैसे ही यूजर QR कोड स्कैन करता है या लिंक पर क्लिक करता है, वह नकली वेबसाइट पर पहुंच जाता है। ये वेबसाइट असली पोर्टल जैसी दिखती हैं और FASTag ID, वाहन नंबर, मोबाइल नंबर और OTP जैसी जानकारी मांगती हैं।

जैसे ही यूजर यह जानकारी साझा करता है, ठग बैंक खाते या FASTag वॉलेट से पैसे निकाल लेते हैं। कई बार ठग टोल प्लाजा के पास फर्जी QR कोड भी लगा देते हैं, जिससे लोग धोखे में आ जाते हैं।

बढ़ रहे हैं ठगी के मामले

2025 के अंत से FASTag से जुड़े फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है। डिजिटल पेमेंट की सुविधा के साथ साइबर जोखिम भी बढ़ गए हैं। कई लोगों ने हजारों रुपये खो दिए हैं और उनकी पहचान से भी छेड़छाड़ हुई है।

नकली वेबसाइट की पहचान कैसे करें

हमेशा वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या बैंक ऐप का ही उपयोग करें। फर्जी वेबसाइट असली जैसी दिख सकती है लेकिन उसमें छोटे बदलाव होते हैं।

ध्यान रखें कि कोई भी सरकारी संस्था या बैंक कभी भी SMS या कॉल के जरिए OTP या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता।

FASTag फ्रॉड से बचने के जरूरी उपाय

केवल आधिकारिक ऐप और पोर्टल का उपयोग करें: FASTag रिचार्ज के लिए अधिकृत बैंक या आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें।

OTP और निजी जानकारी साझा न करें: यह जानकारी केवल आपके लिए सुरक्षित है।

अज्ञात QR कोड स्कैन न करें: सार्वजनिक स्थानों पर लगे QR कोड संदिग्ध हो सकते हैं।

SMS और बैंक अलर्ट चालू रखें: इससे किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी तुरंत मिल जाएगी।

संदिग्ध लिंक से बचें: जल्दबाजी में कोई भी लिंक या वेबसाइट न खोलें।

ठगी होने पर तुरंत क्या करें

अगर आपके साथ ठगी हो जाती है, तो तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और खाते या FASTag को ब्लॉक करवाएं। साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें और हेल्पलाइन 1033 पर संपर्क करें। साथ ही पुलिस में FIR दर्ज कराएं।

सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव

FASTag स्कैम यह साबित करता है कि डिजिटल सुविधा के साथ सतर्कता भी जरूरी है। किसी भी QR कोड को स्कैन करने या भुगतान करने से पहले उसकी सत्यता जरूर जांचें।

आपकी सावधानी ही आपकी सुरक्षा है।