Fixed Deposits vs. Small Savings Schemes: कहां करें निवेश, कौन देगा बेहतर रिटर्न? पूरी जानकारी

जो निवेशक जोखिम से दूरी बनाकर सुरक्षित रिटर्न चाहते हैं, उनके लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) और छोटी बचत योजनाएं सबसे भरोसेमंद विकल्प मानी जाती हैं। दोनों में पूंजी सुरक्षा मिलती है, लेकिन ब्याज दर, लॉक-इन पीरियड, टैक्स नियम और निवेश अवधि के आधार पर इनका फायदा अलग-अलग हो सकता है।

सही विकल्प चुनने के लिए इन दोनों को अच्छे से समझना जरूरी है।


छोटी बचत योजनाएं क्या हैं?

छोटी बचत योजनाएं सरकार द्वारा समर्थित निवेश विकल्प हैं, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
  • नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC)
  • किसान विकास पत्र (KVP)
  • सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम (SCSS)
  • सुकन्या समृद्धि योजना

इन योजनाओं में आमतौर पर 6.9% से 8.2% तक का सालाना ब्याज मिलता है। खास बात यह है कि सरकार ने मार्च तिमाही के लिए इनकी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है।


FD क्यों है आज भी लोगों की पसंद

हालांकि FD पर ब्याज दरें छोटी बचत योजनाओं से कम होती हैं, फिर भी यह निवेशकों के बीच बेहद लोकप्रिय है। इसकी सबसे बड़ी वजह है लचीलापन

बैंक FD को कुछ महीनों से लेकर कई सालों तक के लिए ऑफर करते हैं। जरूरत पड़ने पर समय से पहले पैसा निकालने की सुविधा भी मिलती है, जिससे यह शॉर्ट टर्म निवेश के लिए बेहतर विकल्प बन जाता है।


FD या छोटी बचत योजना: किसे चुनें?

सही फैसला लेने के लिए इन बिंदुओं पर ध्यान देना जरूरी है:


1. ब्याज दर का अंतर

  • ज्यादातर बैंक FD पर 6.25% से 6.40% तक का ब्याज दे रहे हैं।
  • वहीं छोटी बचत योजनाओं में ब्याज दरें 6.7% से 8.2% तक हैं।

रिटर्न के लिहाज से छोटी बचत योजनाएं आगे नजर आती हैं।


2. लॉक-इन पीरियड की अहमियत

अधिक ब्याज के साथ लॉक-इन भी आता है।

  • PPF में 15 साल
  • NSC में 5 साल
  • KVP में तय अवधि तक पैसा फंसा रहता है

FD में यह पाबंदी नहीं होती, इसलिए जरूरत के समय यह ज्यादा उपयोगी साबित होती है।


3. टैक्स के नजरिए से कौन बेहतर

  • FD से मिलने वाला ब्याज पूरी तरह टैक्सेबल होता है।
  • छोटी बचत योजनाओं से मिलने वाला ब्याज अक्सर टैक्स फ्री होता है।

हालांकि PPF और NSC में निवेश अब टैक्स डिडक्शन के लिए योग्य नहीं है, लेकिन इनसे मिलने वाली ब्याज आय पर टैक्स नहीं लगता।


4. पोर्टफोलियो में संतुलन जरूरी

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, केवल एक ही निवेश विकल्प पर निर्भर रहना समझदारी नहीं है।

  • FD शॉर्ट टर्म जरूरतों के लिए
  • NSC मिड टर्म लक्ष्यों के लिए
  • PPF लॉन्ग टर्म वेल्थ क्रिएशन के लिए

इन तीनों को मिलाकर डेट पोर्टफोलियो को मजबूत बनाया जा सकता है।


छोटी बचत योजनाओं की प्रमुख खूबियां

PPF लॉन्ग टर्म निवेश के लिए बेहतरीन विकल्प है, जिसमें सॉवरेन गारंटी और टैक्स फ्री रिटर्न मिलता है।

NSC कम टैक्स बोझ के साथ मिड टर्म गोल्स के लिए उपयुक्त है।

सीनियर सिटीजन्स सेविंग्स स्कीम और सुकन्या समृद्धि योजना उच्च ब्याज दर के कारण खास वर्ग के निवेशकों के लिए फायदेमंद हैं।


निष्कर्ष

FD और छोटी बचत योजनाएं दोनों ही सुरक्षित निवेश के मजबूत विकल्प हैं। जहां छोटी बचत योजनाएं बेहतर ब्याज और टैक्स फायदे देती हैं, वहीं FD लिक्विडिटी और सुविधा प्रदान करती है।

सबसे बेहतर रणनीति यही है कि अपने वित्तीय लक्ष्यों और निवेश अवधि के अनुसार दोनों विकल्पों का संतुलित इस्तेमाल किया जाए


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। निवेश से पहले वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।