Holashtak 2026 Niyam: होलाष्टक के 8 दिनों में भूलकर भी नहीं करें आप ये काम, नहीं तो पड़ जाएंगे देने के लेने
- byShiv
- 24 Feb, 2026
इंटरनेट डेस्क। होली का त्योहार पास में हैं और उसके पहले होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी यानी आज से हो रहा है। होलाष्टक का अर्थ है होली से पहले के 8 दिन जिसे हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। इस अवधि के दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना जाता है। वहीं, होलिका दहन के बाद से शुभ और मांगलिक कार्य दोबारा शुरू हो जाते हैं। फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि से होलाष्टक शुरू होता है और इसका समापन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर होता है।
होलाष्टक में क्या नहीं करना चाहिए ?
मान्यता है की होलाष्टक के दौरान भूलकर भी सगाई, नामकरण, विवाह, मुंडन आदि 16 संस्कार नहीं करने चाहिए क्योंकि इस दौरान किसी भी प्रकार के शुभ कार्यों की मनाही होती है। इन 8 दिनों की अवधि में नया वाहन, प्रॉपर्टी, मकान आदि खरीदने से भी बचना चाहिए। होलाष्टक के दौरान इस कार्यों को करना शुभ नहीं माना जाता है।
क्या होता हैं इस दौरान
होलाष्टक के दौरान ग्रह उग्र रहते हैं। ऐसे में इस दौरान नया बिजनेस भी शुरू नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से ग्रहों की उग्रता का प्रभाव आपके काम पर पड़ सकता है।
अगर गृह निर्माण करवाने का विचार बना रहे हैं। तो होलिका दहन तक ऐसा बिल्कुल न करें। मान्यता है की होलाष्टक के दौरान नए मकान का निर्माण और गृह प्रवेश नहीं करना चाहिए। होलाष्टक के दौरान हवन और यज्ञ जैसे कार्य करना या करवाना भी वर्जित माना गया है। ऐसा करने से प्रतिकूल प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।
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