Pakistan-America: शहबाज और मुनीर ने कर दी ट्रंप के साथ दगाबाजी! मध्यस्थ बनकर घोंपा पीठ में छुरा
- byShiv
- 12 May, 2026
इंटरनेट डेस्क। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध शांति स्थापित करने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। लेकिन अब यही भूमिका उन पर गद्दार होने का आरोप लगा रही है। पाकिस्तान लगातार ईरान और अमेरिका के बीच शांति स्थापित करने की कोशिशों में जुटा है। इस बीच खुलासा हुआ है कि दोनों देशों में चल रहे युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने चोर दरवाजे से ईरान की मदद की थी। पाकिस्तान ने गुपचुप तरीके से ईरान के सैन्य विमानों को अपने एक एयरबेस पर रुकने की अनुमति दी थी।
किया जा रहा दावा
मीडिया रिपोटर्स की माने तो सीबीएस न्यूज ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से इसका दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, अप्रैल की शुरुआत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर का ऐलान किया था। उसके तुरंत बाद ही ईरान ने अपने कई विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस (रावलपिंडी) भेज दिए थे। जानकारी के अनुसार ईरान ने जिन विमानों को नूर खान एयरबेस में तैनात किया था, उनमें ईरानी वायुसेना का एक आरसी-130 टोही विमान भी शामिल था। कहा जा रहा है कि ईरान ने अपने बचे हुए सैन्य विमानों को संभावित अमेरिकी हमलों से बचाने के लिए पाकिस्तान में छिपाया था।
मध्यस्थ की भूमिका पर उठे सवाल
खबरों के अनुसार इस रिपोर्ट पर अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, अगर ये रिपोर्ट सही है, तो मध्यस्थ के रूप में पाकिस्तान की भूमिका का नए सिरे से मूल्यांकन करना होगा। उन्होंने ये भी कहा कि इजरायल को लेकर पाकिस्तानी अधिकारियों के पुराने बयानों को देखते हुए उन्हें इस खबर पर कोई हैरानी नहीं होगी।
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