बच्चे के नाम PPF में हर महीने ₹5,000 जमा करें, समय के साथ बन सकता है करोड़ों का फंड
- byrajasthandesk
- 05 Jul, 2026
बच्चों का भविष्य सुरक्षित और आर्थिक रूप से मजबूत बनाना हर माता-पिता की प्राथमिकता होती है। चाहे बात उच्च शिक्षा की हो, करियर की शुरुआत की, शादी के खर्च की या फिर भविष्य में आर्थिक आत्मनिर्भरता की, समय रहते सही निवेश करना बेहद जरूरी माना जाता है। ऐसे में सरकार की पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) योजना लंबे समय से सुरक्षित और भरोसेमंद निवेश विकल्प के रूप में लोगों की पहली पसंद बनी हुई है।
PPF एक सरकारी बचत योजना है, जिसमें निवेशकों को सरकार द्वारा तय ब्याज दर का लाभ मिलता है। यह योजना बाजार के उतार-चढ़ाव से प्रभावित नहीं होती, इसलिए इसमें जोखिम बेहद कम माना जाता है। अगर माता-पिता अपने बच्चे के बचपन से ही नियमित निवेश शुरू कर दें, तो लंबे समय में कंपाउंडिंग की ताकत से करोड़ों रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है।
बच्चे के नाम कौन खुलवा सकता है PPF खाता?
नाबालिग बच्चे के नाम पर माता-पिता या कानूनी अभिभावक किसी अधिकृत बैंक या डाकघर में PPF खाता खुलवा सकते हैं। जब तक बच्चा 18 वर्ष का नहीं हो जाता, तब तक खाते का संचालन अभिभावक करते हैं।
18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद खाते का स्टेटस 'माइनर' से 'मेजर' में बदल दिया जाता है। इसके बाद खाताधारक स्वयं खाते का संचालन कर सकता है। यह सुविधा बच्चों को कम उम्र से ही सुरक्षित निवेश की शुरुआत करने का अवसर देती है।
रोजाना सिर्फ ₹166 की बचत कैसे बन सकती है बड़ा फंड?
अगर कोई परिवार प्रतिदिन लगभग ₹166 की बचत करता है, तो यह राशि महीने में करीब ₹5,000 बनती है। पहली नजर में यह निवेश सामान्य लग सकता है, लेकिन यदि इसे लगातार कई दशकों तक जारी रखा जाए तो कंपाउंडिंग का प्रभाव बेहद बड़ा हो जाता है।
कंपाउंडिंग का सबसे बड़ा फायदा यही है कि निवेश पर मिलने वाला ब्याज भी आगे चलकर ब्याज कमाने लगता है। यही कारण है कि जितनी जल्दी निवेश शुरू किया जाए, उतना ही बड़ा फंड तैयार होने की संभावना बढ़ जाती है।
यदि 10 साल की उम्र से निवेश शुरू किया जाए
यदि बच्चे के 10 वर्ष की आयु से हर महीने ₹5,000 का निवेश शुरू किया जाए और यह निवेश 60 वर्ष की उम्र तक जारी रहे, तो कुल निवेश लगभग ₹30 लाख होगा।
मौजूदा 7.1% वार्षिक ब्याज दर के आधार पर अनुमान है कि इस दौरान ब्याज के रूप में ₹2.40 करोड़ से अधिक मिल सकते हैं। इस तरह कुल फंड लगभग ₹2.70 करोड़ से ज्यादा तक पहुंच सकता है।
12 वर्ष की उम्र से शुरुआत करने पर
अगर निवेश 12 साल की उम्र से शुरू किया जाए तो निवेश अवधि 48 वर्ष होगी। इस दौरान कुल निवेश लगभग ₹28.80 लाख रहेगा।
अनुमानित गणना के अनुसार ब्याज करीब ₹2.05 करोड़ से अधिक हो सकता है और कुल फंड लगभग ₹2.34 करोड़ तक पहुंच सकता है।
15 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करने पर
यदि निवेश की शुरुआत 15 वर्ष की उम्र से होती है तो कुल निवेश अवधि 45 वर्ष होगी। इस दौरान लगभग ₹27 लाख का निवेश किया जाएगा।
मौजूदा ब्याज दर के आधार पर अनुमान है कि ब्याज ₹1.62 करोड़ से अधिक हो सकता है और कुल राशि लगभग ₹1.89 करोड़ तक पहुंच सकती है।
18 वर्ष की उम्र से निवेश शुरू करने पर
अगर निवेश की शुरुआत 18 वर्ष की आयु से की जाती है, तो निवेश अवधि 42 वर्ष रह जाएगी। कुल निवेश करीब ₹25.20 लाख होगा।
इस स्थिति में अनुमानित ब्याज ₹1.27 करोड़ से अधिक हो सकता है और मैच्योरिटी पर कुल राशि लगभग ₹1.52 करोड़ तक पहुंच सकती है।
जल्दी निवेश शुरू करना क्यों है फायदेमंद?
लंबी अवधि के निवेश में समय सबसे बड़ा साथी होता है। ऊपर दिए गए उदाहरण बताते हैं कि केवल कुछ वर्षों की देरी भी अंतिम फंड पर बड़ा असर डाल सकती है।
यदि निवेश 10 साल की उम्र से शुरू किया जाए तो अनुमानित फंड ₹2.70 करोड़ से अधिक बन सकता है, जबकि 18 साल की उम्र से शुरुआत करने पर यह राशि लगभग ₹1.52 करोड़ रह जाती है। यानी केवल 8 साल की देरी से संभावित फंड में करीब ₹1.25 करोड़ का अंतर आ सकता है।
यही वजह है कि वित्तीय विशेषज्ञ भी जल्दी निवेश शुरू करने की सलाह देते हैं।
PPF में निवेश करने के प्रमुख फायदे
- सरकार समर्थित सुरक्षित निवेश योजना।
- बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता।
- सरकार द्वारा समय-समय पर ब्याज दर तय की जाती है।
- आयकर नियमों के तहत उपलब्ध कर लाभ का फायदा मिल सकता है।
- लंबी अवधि में कंपाउंडिंग से बड़ा फंड तैयार करने की क्षमता।
- बच्चों की पढ़ाई, शादी और भविष्य की वित्तीय जरूरतों के लिए उपयोगी विकल्प।
निवेश से पहले इन बातों का रखें ध्यान
ऊपर दिए गए सभी आंकड़े मौजूदा 7.1% वार्षिक ब्याज दर के आधार पर अनुमानित उदाहरण हैं। सरकार समय-समय पर PPF की ब्याज दरों की समीक्षा करती है, इसलिए भविष्य में मिलने वाला वास्तविक रिटर्न अलग हो सकता है।
निवेश शुरू करने से पहले अपनी आय, वित्तीय लक्ष्य, नकदी प्रवाह और लंबी अवधि की जरूरतों का भी आकलन करना जरूरी है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) उन परिवारों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प है जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए सुरक्षित और दीर्घकालिक निवेश करना चाहते हैं। यदि बच्चे के नाम पर शुरुआत से ही हर महीने ₹5,000 का नियमित निवेश किया जाए और उसे लंबे समय तक जारी रखा जाए, तो कंपाउंडिंग की मदद से करोड़ों रुपये का फंड तैयार किया जा सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि निवेश की शुरुआत जितनी जल्दी होगी, भविष्य में मिलने वाला लाभ उतना ही अधिक हो सकता है। इसलिए बच्चों के उज्ज्वल और आर्थिक रूप से मजबूत भविष्य के लिए समय पर निवेश करना एक समझदारी भरा कदम माना जाता है।





