Rajasthan: संविदा नर्सिंगकर्मी दीपक खारवाल की मौत के 25 दिन बाद पत्नी ने भी खाया जहर, टीकाराम जूली ने कहा सरकार को फिक्र नहीं

इंटरनेट डेस्क। जयपुर में 12 जून को नौकरी से हटाए जाने के बाद संविदा पर नर्सिंग स्टाफ के तौर पर काम करने वाले दीपक खारवाल ने जहर खा कर अपनी जान दे दी थी। इस मामले में पूरे प्रदेश के नर्सिंग स्टाफ ने कई दिनों तक आंदोलन किया था।  दीपक की खुदकुशी की घटना के बाद प्रशासन ने उसकी पत्नी को संविदा पर नौकरी और उचित आर्थिक मुआवजे का ऐलान किया था।

इधर घटना के 25 दिन बीतने के बाद भी सरकार द्वारा कोई भी कदम नहीं उठाए जाने से आहत दीपक की गर्भवती विधवा ने जहर खाकर जान देने की कोशिश की। गंभीर हालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। जहर खाने वाली करिश्मा के पिता राम सिंह खारवाल का कहना है कि उनकी बेटी पहले से ही पति के दुनिया से जाने की वजह से सदमे में है। दामाद दीपक की खुदकुशी के बाद अफसरों ने बेटी करिश्मा से लंबे चौड़े वादे किए थे। उसे संविदा पर नौकरी दिए जाने का वादा किया गया था। इसके साथ ही उसे उचित आर्थिक मुआवजा दिए जाने की भी बात कही गई थी। करीब 25 दिन का वक्त बीत गया है लेकिन अभी तक सरकार की तरफ से कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।

इधर घटना के बाद राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने भी  अस्पताल पहुंचकर जहर पीने वाली करिश्मा का हाल जाना है। उन्होंने भजनलाल शर्मा सरकार पर सियासी निशाना भी साधा है, उनका कहना है कि सरकार को गरीब संविदा कर्मचारियों के बजाय बड़े उद्योगपतियों की फिक्र है।

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