Ram Mandir: चंपतराय और अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, एसआईटी की रिपोर्ट आने तक कृष्ण मोहन राम संभालेंग ट्रस्ट की जिम्मेदारी

इंटरनेट डेस्क। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के मंदिरों से चढ़ावा चोरी प्रकरण में आठ लोगों की गिरफ्तारी और ट्रस्टियों पर गंभीर आरोपों के बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बड़ा फैसला किया है। ट्रस्ट ने महासचिव चंपतराय और ट्रस्टी डॉ. अनिल कुमार मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। मीडिया रिपोटर्स की माने तो श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने बताया कि ट्रस्ट के संविधान के मुताबिक इस्तीफा देते ही वो स्वतः स्वीकार मान लिया जाएगा।

इस्तीफे हुए स्वीकार
स्वामी गोविंद देव गिरी ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के त्यागपत्र पर विचार हुआ और परासरन जी के दखल के बाद दोनों के इस्तीफे स्वीकार कर लिए गए। उन्होंने कहा कि एसआईटी की अंतिम रिपोर्ट आने तक ट्रस्ट की जिम्मेदारी कृष्ण मोहन राम संभालेंगे। 22 जुलाई को एक बार फिर हम बैठेंगे। हम उम्मीद करते हैं तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी।

प्रयागराज के महाकुंभ के दिनों में जब देश-विदेश से बड़ी संख्या में दर्शनार्थी आने लगे, तो रामलला को अर्पित की जाने वाली धनराशि व आभूषणों की मात्रा एकाएक काफी बढ़ गई थी। यह क्रम जनवरी से फरवरी माह तक चला। महाकुंभ समाप्त हुआ, तो पहले के सामान्य दिनों की अपेक्षा भी दान की नकदी काफी कमी मिलने लगी। गिनती के बाद जब बैंक में धनराशि जमा कराई जाती, तब भी पूर्व की अपेक्षा कमी पाई जाने लगी। इस पर चोरी की आशंका हुई।

बैठक के बाद ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी महाराज ने इस पूरे विवाद पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दान में मिली सभी वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी सामान के गायब होने की बात सही नहीं है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रस्ट ने उन सभी वस्तुओं को सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया, जिनके चोरी होने या गायब होने के आरोप लगाए जा रहे थे। सोने की रामचरितमानस, भगवान राम के चरण चिन्ह, हार और काकभुशुंडि को कॉन्फ्रेंस में रखा गया।

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