ज़्यादा देर तक पेशाब रोकने की आदत शरीर के लिए जानलेवा! हो सकती हैं किडनी से जुड़ी ये गंभीर बीमारियाँ
- byvarsha
- 12 Feb, 2026
PC: navarashtra
लंबे समय तक हेल्दी रहने और हमेशा हेल्दी रहने के लिए शरीर के हर अंग का एक्टिव रहना ज़रूरी है। इनमें सबसे ज़रूरी अंग है किडनी। किडनी शरीर में खून साफ़ करती है, शरीर से ज़हरीले तत्व निकालती है और कई काम करती है। अक्सर बिज़ी लाइफस्टाइल या ऑफिस में मीटिंग, लंबी यात्रा या स्कूल-कॉलेज में वॉशरूम न होने की वजह से पेशाब नहीं कर पाते। शरीर में मौजूद ज़हरीले तत्व पेशाब के ज़रिए बाहर निकल जाते हैं। कभी-कभी ज़्यादा काम की वजह से पेशाब करते-करते ऊब जाते हैं। इसलिए पेशाब रोक लिया जाता है। लेकिन लगातार पेशाब रोकने से किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है।
किडनी पेशाब के ज़रिए शरीर से ज़हरीले तत्व निकालती है। लेकिन अगर पेशाब को ज़्यादा देर तक रोका जाए, तो बाहर निकलने की जगह शरीर में ज़हरीले तत्व जमा हो जाते हैं। शरीर लगातार सिग्नल देता रहता है कि कब पेशाब करना है। ज़्यादा देर तक पेशाब रोकना किडनी, ब्लैडर और पूरे यूरिनरी सिस्टम के लिए खतरनाक है। तो आज हम आपको बताएंगे कि ज़्यादा देर तक यूरिन रोकने से शरीर को कौन सी गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। किडनी से जुड़ी बीमारियों के बाद शरीर में कई बदलाव देखने को मिलते हैं। इन बदलावों पर गंभीरता से ध्यान देने की ज़रूरत है।
किडनी के लिए नुकसानदायक आदतें:
किडनी शरीर में खून को साफ़ करने के लिए लगातार यूरिन बनाती रहती है। लेकिन जब यूरिन रोककर रखा जाता है, तो यह यूरिनरी ब्लैडर में जमा हो जाता है। अगर यह प्रेशर ज़्यादा देर तक बना रहे, तो इससे किडनी पर बहुत ज़्यादा दबाव पड़ता है। किडनी पर ज़्यादा दबाव पड़ने से किडनी की सेहत खराब हो जाती है। यूरिन के ज़रिए शरीर से टॉक्सिन, बैक्टीरिया और ज़्यादा नमक बाहर निकल जाते हैं। इसलिए, अगर यूरिन रोककर रखा जाता है, तो शरीर में टॉक्सिक एलिमेंट जमा हो जाते हैं। इससे धीरे-धीरे किडनी फेलियर होने लगती है और खून को साफ़ करने की प्रक्रिया में रुकावट आती है।
किडनी से जुड़ी गंभीर बीमारियां कौन सी हैं?
अगर आप ज़्यादा देर तक यूरिन नहीं करते हैं, तो उसमें मौजूद बैक्टीरिया बाहर निकलने के बजाय जमा हो जाते हैं। यूरिनरी ट्रैक्ट में इंफेक्शन बढ़ने का असर आपकी पूरी सेहत पर तुरंत दिखता है। इसलिए लगातार पेशाब आने के बाद आपको सही समय पर पेशाब करना चाहिए। UTI से इंफेक्टेड होने के बाद पेशाब में जलन, प्यास बढ़ना, पेशाब कम आना, पेशाब से बदबू आना, पेट या कमर के निचले हिस्से में दर्द होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं। UTI इंफेक्शन का खतरा मुख्य रूप से महिलाओं को होता है। इसके अलावा किडनी में पथरी, ब्लैडर की मांसपेशियों का कमजोर होना, किडनी डैमेज आदि कई गंभीर बीमारियां हो सकती हैं।



