अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों पर भारत के खिलाफ साजिश रचने का आरोप, एनआईए ने किया खुलासा

इंटरनेट डेस्क। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़ी कार्रवाई में अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वैनडाइक सहित छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। ये सभी भारत के खिलाफ साजिश रचने और आतंकी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में पकड़े गए हैं। मैथ्यू वैनडाइक को कोलकाता एयरपोर्ट से और तीन-तीन यूक्रेनी नागरिक लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट से हिरासत में लिए गए।

क्या कह रहा एनआईए
मीडिया रिपोटर्स की माने तो एनआईए के अनुसार, ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन मिजोरम के प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना अनुमति के पहुंचे। इसके बाद वह वहां से अवैध रूप से म्यांमार में घुस गए। मैथ्यू वैनडाइक खुद को सिक्योरिटी एनालिस्ट, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर और वॉर कॉरस्पॉन्डेंट बताते हैं। उन्होंने लीबिया की सिविल वॉर में विद्रोहियों के साथ लड़ाई लड़ी, जहां वे छह महीने कैद में रहे और बाद में भाग निकले। उसने सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल नामक संगठन की स्थापना की।

म्यांमार के विद्रोहियों को ट्रेनिंग देने का आरोप
एनआईए का आरोप है कि वे म्यांमार के विद्रोहियों को ड्रोन वॉरफेयर, हथियार चलाने और युद्ध की तकनीकों की ट्रेनिंग दे रहे थे, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर में सक्रिय कुछ प्रतिबंधित संगठनों से भी कनेक्शन थे। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के पास से ड्रोन, हथियारों से जुड़े सबूत और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। इसकी जांच चल रही है। एनआईए का कहना है कि ये लोग यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप भारत के रास्ते म्यांमार भेजने में जुटे थे। इससे भारत की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो सकता था। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने सभी सातों आरोपियों को 11 दिन की एनआईए हिरासत में भेज दिया है। एनआईए की जांच में अंतरराष्ट्रीय साजिश के तथ्य भी सामने आ रहे हैं। अमेरिकी दूतावास को इस गिरफ्तारी की जानकारी है, लेकिन उन्होंने अभी कोई विस्तृत बयान नहीं दिया है।

pc- telugupost.com