इंटरनेट डेस्क। अमेरिकी कांग्रेस ने एक ऐसा कानून पारित किया हैं जो रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला हैं, इस बिल के तहत रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के सामान पर अमेरिका 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने जा रहा है। रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार होने के नाते चीन ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि बीजिंग का किसी भी देश के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग किसी तीसरे को टारगेट नहीं करता है।
अमेरिका पर भड़का चीन
मीडिया रिपोटर्स की माने तो चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, चीन का किसी भी देश के साथ ट्रेड रिलेशन तीसरे पक्ष के दवाब के बिना होना चाहिए। चीन लॉन्ग-आर्म ज्यूरिस्डिक्शन और एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध करता है, जिनका अंतरराष्ट्रीय कानून में कोई आधार नहीं है और जिन्हें यूएन सुरक्षा परिषद का अधिकार नहीं मिला है।
बिल को मंजूरी देने की सिफारिश
अमेरिकी संसद से पास ये बिल अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पास जाएगा, जिनके इसके कानून बनने के लिए हस्ताक्षर करने की उम्मीद है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 16 सितंबर को लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट 2026 को 262 बनाम 159 मतों से पारित किया। इससे पहले 7 अगस्त को सीनेट ने भी इसे 86 बनाम 11 मतों से मंजूरी दी थी, ट्रंप के सलाहकारों ने भी इस विधेयक को मंजूरी देने की सिफारिश की है।
pc- cnn.com






