लड़कियों को कम उम्र में पीरियड्स क्यों आते हैं? पेरेंट्स को इन बातों का रखना चाहिए ध्यान
- byvarsha
- 21 May, 2026
pc: navarashtra
सभी लड़कियों को 14 से 16 साल की उम्र के बीच पीरियड्स आते हैं। पीरियड्स शरीर का एक नेचुरल प्रोसेस है। सभी महिलाओं को महीने में चार से पांच दिन पीरियड्स आते हैं। पीरियड्स के दौरान महिलाओं को कमर दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, पेट दर्द, ऐंठन वगैरह जैसी कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन अब लड़कियों को 8 से 10 साल की उम्र में पीरियड्स आने लगते हैं। यह दिक्कत आजकल बहुत आम हो गई है। लाइफस्टाइल में बदलाव, काम का बढ़ता स्ट्रेस, न्यूट्रिएंट्स की कमी, फिजिकल एक्टिविटी की कमी वगैरह का महिलाओं की हेल्थ पर तुरंत असर पड़ता है। वजन बढ़ने के बाद शुरुआती दिनों में इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता। लेकिन समय के साथ हेल्थ पर इसके गंभीर असर दिखने लगते हैं। आइए जानें कि लड़कियों को कम उम्र में पीरियड्स क्यों आते हैं? इसके बारे में डिटेल में जानकारी।
लड़कियों को कम उम्र में पीरियड्स क्यों आते हैं?
लड़कियों को आमतौर पर 11 से 14 साल की उम्र के बीच पीरियड्स आते हैं। लेकिन अगर किसी लड़की को पीरियड्स जल्दी आ जाते हैं, तो उस कंडीशन को अर्ली मेनार्चे कहते हैं। लड़कियों को शरीर में होने वाले बदलावों की वजह से पीरियड्स जल्दी आ जाते हैं। इस दौरान ब्रेस्ट का विकास भी होता है। इसलिए, शरीर में दिखने वाले लक्षणों को नज़रअंदाज़ किए बिना समय पर उनका इलाज करना बहुत ज़रूरी है। कम उम्र की लड़कियों को वज़न बढ़ने की वजह से भी पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं। कई बार शरीर में ज़्यादा फैट जमा होने की वजह से पीरियड्स जल्दी आ जाते हैं। इसके अलावा, जंक फ़ूड, मीठे ड्रिंक्स और कम फ़िज़िकल एक्टिविटी की वजह से लड़कियों का वज़न तेज़ी से बढ़ने लगता है।
लाइफ़स्टाइल में बदलाव से सेहत पर असर:
पीरियड्स जल्दी आने का मुख्य कारण लाइफ़स्टाइल में बदलाव है। बाहर का खाना, पैकेज्ड फ़ूड, रेड मीट या अल्कोहलिक ड्रिंक्स का ज़्यादा सेवन करने से शरीर से जुड़ी परेशानियाँ होती हैं। रोज़ाना की डाइट में खाए जाने वाले खाने का सीधा असर शरीर पर तुरंत दिखता है। इसलिए, शरीर का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है। मोबाइल, टीवी और टैबलेट का ज़्यादा इस्तेमाल रोज़ाना की ज़िंदगी पर सीधा असर डालता है। नींद की कमी, कम फ़िज़िकल एक्टिविटी, स्ट्रेस और टेंशन जैसी कई चीज़ों का असर हॉर्मोन्स पर तुरंत दिखता है।
छोटी लड़कियों का ध्यान कैसे रखें:
छोटी लड़कियों और बड़ों को भी अपनी रोज़ाना की डाइट में पौष्टिक और आसानी से पचने वाले खाने का सेवन करना चाहिए। इससे वे हेल्दी रहती हैं। अगर आप अपनी रोज़ की डाइट में ताज़े फल, हरी पत्तेदार सब्ज़ियाँ और पौष्टिक खाना खाते हैं, तो आप हमेशा हेल्दी और एनर्जेटिक रहेंगे। साथ ही, अगर आप सुबह उठने के बाद रेगुलर एक्सरसाइज़, फिजिकल एक्टिविटी, प्राणायाम या मेडिटेशन करते हैं, तो हेल्थ से जुड़ी कोई भी प्रॉब्लम कभी नहीं होगी।






