SIP में निवेश से पहले जान लें ये 5 बड़ी गलतफहमियां, नहीं तो रिटर्न पर पड़ सकता है असर
- byrajasthandesk
- 26 Jan, 2026
म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) आज भारत में निवेश का सबसे लोकप्रिय तरीका बन चुका है। हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम निवेश करके लोग रिटायरमेंट, बच्चों की पढ़ाई और घर खरीदने जैसे बड़े लक्ष्यों को हासिल करने की योजना बनाते हैं। हालांकि, लोकप्रियता के बावजूद SIP को लेकर कई भ्रांतियां आज भी निवेशकों के बीच मौजूद हैं।
ये गलत धारणाएं निवेशकों को गलत फैसले लेने पर मजबूर कर सकती हैं, जिससे लंबे समय में नुकसान भी हो सकता है। आइए SIP से जुड़े पांच बड़े मिथकों और उनकी सच्चाई को विस्तार से समझते हैं।
मिथक 1: SIP से तुरंत और हर साल अच्छा रिटर्न मिलता है
कई नए निवेशक मानते हैं कि SIP शुरू करते ही मुनाफा तय है।
सच्चाई: SIP कोई जादुई योजना नहीं है। इसका असली फायदा समय और अनुशासन में छिपा है। रिटर्न बाजार की स्थिति, फंड के चुनाव और निवेश की अवधि पर निर्भर करता है। ठोस रिटर्न आमतौर पर 7–15 साल में दिखाई देता है।
मिथक 2: ज्यादा फंड में SIP करने से ज्यादा मुनाफा होगा
कुछ लोग सोचते हैं कि जितने ज्यादा फंड, उतना ज्यादा फायदा।
सच्चाई: बहुत ज्यादा फंड रखने से पोर्टफोलियो जटिल हो जाता है और स्टॉक्स में ओवरलैप बढ़ता है। बेहतर है कि 3–5 अच्छे फंड चुने जाएं, जो आपके वित्तीय लक्ष्यों से जुड़े हों।
मिथक 3: SIP को कभी बंद या बदला नहीं जाना चाहिए
कई निवेशकों को लगता है कि SIP रोकना नुकसानदायक है।
सच्चाई: SIP पूरी तरह लचीली होती है। जरूरत पड़ने पर इसे रोका, बदला या बंद किया जा सकता है। कई AMC SIP को कुछ महीनों के लिए पॉज करने की सुविधा भी देती हैं।
मिथक 4: बाजार गिरने पर SIP बंद कर देनी चाहिए
बाजार में गिरावट आते ही घबराकर SIP बंद कर दी जाती है।
सच्चाई: गिरता बाजार SIP के लिए सबसे अच्छा मौका होता है। कम NAV पर ज्यादा यूनिट्स मिलती हैं, जिससे औसत लागत घटती है और भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलता है।
मिथक 5: SIP अपने आप सुरक्षित मुनाफा देती है
कुछ लोग SIP को FD जैसा सुरक्षित मान लेते हैं।
सच्चाई: SIP निवेश का तरीका है, निवेश उत्पाद नहीं। रिटर्न पूरी तरह उस म्यूचुअल फंड पर निर्भर करता है जिसमें पैसा लगाया गया है। सही फंड चुनना निवेशक की जिम्मेदारी है।
SIP सही समझ और धैर्य के साथ किया जाए तो यह धन बनाने का बेहद असरदार जरिया बन सकता है। मिथकों से दूर रहकर, लक्ष्य और जोखिम के अनुसार निवेश करना ही सफलता की कुंजी है। निवेश से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना हमेशा बेहतर रहता है।






