DGCA के नए नियम: अब फ्लाइट में पावर बैंक से चार्जिंग पर पूरी तरह रोक
- byrajasthandesk
- 04 Jan, 2026
हवाई यात्रियों की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बड़ा फैसला लिया है। नए नियमों के तहत अब फ्लाइट के दौरान पावर बैंक की मदद से मोबाइल फोन, टैबलेट, लैपटॉप या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को चार्ज करना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यह नियम सीट पर लगे पावर आउटलेट से चार्जिंग पर भी लागू होगा, यदि उसमें पावर बैंक का उपयोग किया जा रहा हो।
यह कदम लिथियम बैटरियों से जुड़ी बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उठाया गया है।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया
पावर बैंक और पोर्टेबल चार्जर में इस्तेमाल होने वाली लिथियम-आयन बैटरियां अधिक गर्म होने पर आग या धमाके का कारण बन सकती हैं। दुनिया के कई देशों में फ्लाइट के दौरान बैटरी ओवरहीट होने, धुआं निकलने और आग लगने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।
DGCA के अनुसार, ऊंचाई पर उड़ान के दौरान आग की घटनाओं को काबू में करना बेहद मुश्किल होता है। ऐसे में किसी भी तरह का बैटरी फेलियर यात्रियों और विमान की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। इन्हीं कारणों से पावर बैंक से चार्जिंग पर रोक लगाई गई है।
हैंड बैगेज में ही ले जाने की अनुमति
हालांकि, यात्रियों को पावर बैंक ले जाने से पूरी तरह नहीं रोका गया है। DGCA ने साफ किया है कि पावर बैंक और अतिरिक्त बैटरियां केवल हैंड बैगेज में ही रखी जा सकती हैं। इन्हें चेक-इन बैगेज में रखने की अनुमति नहीं है।
इसके अलावा, इन उपकरणों को ओवरहेड केबिन में रखने से भी बचने की सलाह दी गई है। बेहतर होगा कि इन्हें सीट के नीचे रखा जाए, ताकि किसी भी असामान्य स्थिति में तुरंत पता चल सके।
ओवरहेड केबिन में क्यों ज्यादा खतरा
DGCA का कहना है कि ओवरहेड स्टोरेज बिन में रखी लिथियम बैटरियां यात्रियों और क्रू की नजर से दूर रहती हैं। अगर वहां आग या धुआं उठता है, तो उसकी पहचान देर से होती है, जिससे समय पर कार्रवाई मुश्किल हो जाती है।
देरी से प्रतिक्रिया मिलने पर आग तेजी से फैल सकती है, जो फ्लाइट की सुरक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
एयरलाइंस को दिए गए सख्त निर्देश
एविएशन रेगुलेटर ने सभी एयरलाइंस को निर्देश दिए हैं कि वे यात्रियों द्वारा लिथियम बैटरियां ले जाने से जुड़े जोखिमों का दोबारा मूल्यांकन करें। इसके साथ ही बैटरी से जुड़ी आग की घटनाओं को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय लागू करने को कहा गया है।
एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी यात्री फ्लाइट के दौरान पावर बैंक से चार्जिंग न करे।
क्रू ट्रेनिंग और सुरक्षा उपकरण पर जोर
DGCA ने यह भी कहा है कि केबिन क्रू को विशेष ट्रेनिंग दी जाए ताकि वे बैटरी ओवरहीटिंग या आग के शुरुआती संकेतों को तुरंत पहचान सकें। इसके साथ ही विमान में फायरफाइटिंग उपकरण, सुरक्षात्मक दस्ताने और अन्य जरूरी सुरक्षा साधन हमेशा उपलब्ध रहने चाहिए।
यात्रियों को दी जाएगी पूरी जानकारी
यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए DGCA ने एयरलाइंस से कहा है कि वे नए नियमों की जानकारी फ्लाइट से पहले और दौरान घोषणाओं के जरिए दें। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर से पहले अपने डिवाइस पूरी तरह चार्ज कर लें।
तेजी से बढ़ते हवाई यातायात को देखते हुए DGCA का मानना है कि ऐसे एहतियाती कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं।






