Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती के दिन बन रहे ये विशेष अद्भुत संयोग, जाने आप भी पूजा की विधि
- byShiv
- 01 Apr, 2026
इंटरनेट डेस्क। हनुमान जयंती देशभर में 2 अप्रैल को मनाई जाएगी। धर्मशास्त्रों के अनुसार हनुमान जी चैत्र मास की पूर्णिमा को ही प्रकट हुए थे। ज्योतिष के अनुसार इस बार पूर्णिमा तिथि बुधवार की सुबह 7.05 से ही शुरू हो जाएगी जो दो अप्रैल गुरुवार को सुबह 7.45 तक रहेगी। उदया तिथि का विशेष महत्व होता है, जिसके चलते यह पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा। सबसे खास बात यह है कि इस बार गुरुवार को हस्त नक्षत्र और ध्रुव योग का संयोग रहेगा, जिसके चलते इस पर्व का महत्व कई गुणा अधिक बढ़ जाएगा।
हस्त नक्षत्र का क्या महत्व हैं
धर्म शास्त्रों के अनुसार, हस्त नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जबकि नक्षत्र कन्या राशि के अंतर्गत आता है और कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। हस्त नक्षत्र मंडल के स्वामी सूर्य देव हैं। यानी चंद्रमा सुंदरता, सूर्य सकारात्मकता, वहीं बुध बुद्धि और विवेक का कारक माना जाता है। ऐसे में इस दिन हनुमान जी की पूजा करने से जीवन में सौंदर्य का निखार आएगा साथ ही बुद्धि, विवेक और सकारात्मक ऊर्जा का जीवन में विस्तार होगा। वहीं, ध्रुव योग ज्योतिष में 27 योगों में से 12वां, एक अत्यंत शुभ और स्थिर योग माना जाता है। यह योग स्थिरता, धैर्य व सफलता का प्रतीक है। इस दिन पूजन करने से हर कार्य में सफलता मिलेगी।
लड्डू, बूंदी, केले के फल का लगाएं भोग
हनुमान जयंती की सुबह जल्दी स्नान करके केसरिया या लाल रंग के कपड़े पहनें। यदि व्रत रख रहे हैं तो बजरंगबली का स्मरण करते हुए व्रत का संकल्प लें। इसके बाद हनुमानजी के मंदिर जाकर उनकी प्रतिमा पर सिंदूर लगाएं। उन्हें विधि-विधान से पूजा सामग्री अर्पित करें। हनुमान चालीसा पढ़ें, बजरंग बाण का पाठ करें। आखिर में आरती अवश्य करें। सुंदरकांड का पाठ भी चमत्कारी फल देगा। हनुमान जी को बेसन के लड्डू, खीर, बूंदी, केले का भोग लगाएं।
pc- lokmatnews.in





