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हिंदू धर्म में तुलसी के पेड़ का खास महत्व है। तुलसी को मां के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी के पौधे में देवी लक्ष्मी का वास होता है। तुलसी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। यही वजह है कि इसे हरिप्रिया भी कहा जाता है। माना जाता है कि जिस घर में माता तुलसी की विधि-विधान से पूजा होती है और दीपक जलाया जाता है, वहां हमेशा सुख-समृद्धि का वास होता है। नियम के अनुसार, जो कोई भी रोज सुबह-शाम तुलसी के पास दीपक जलाता है, उसे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का आशीर्वाद मिलता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि तुलसी के पास दीपक जलाने का सही तरीका क्या है? सबसे पहले तुलसी के पौधे को अच्छे से साफ कर लें। इसके बाद दीपक को पूरी तरह से साफ कर लें।
फिर उसमें रूई की बत्ती लगाएं और घी डालें। दीपक को सीधे जमीन पर न रखें, बल्कि चावल, फूल या किसी चौकी पर रखें। पूर्व या उत्तर दिशा में दीपक जलाएं और रोशनी फैलाएं। वास्तु में इन दिशाओं को शुभ माना जाता है। तुलसी के पास दीपक जलाते समय मन में पॉजिटिव विचार रखें। तुलसी माता का ध्यान करना चाहिए। इसके बाद तुलसी माता का मंत्र “ॐ तुलसी देव्यै नम:” बोलना चाहिए। दीपक जलाने के बाद तुलसी के पेड़ की 5, 7 या 11 बार परिक्रमा करके प्रणाम करना चाहिए। हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत पवित्र और पूजनीय पौधा माना जाता है।
तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है और यह भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। इसलिए, लगभग हर हिंदू घर के आंगन में या घर के पास तुलसी का पौधा लगाने की परंपरा है। माना जाता है कि तुलसी घर में पॉजिटिव एनर्जी पैदा करती है और माहौल पवित्र रहता है। तुलसी का धार्मिक और औषधीय दोनों तरह से महत्व है। धार्मिक रूप से, तुलसी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नेगेटिव एनर्जी दूर रहती है। रोज़ सुबह और शाम तुलसी पर जल चढ़ाकर पूजा करने से मन शांत रहता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है। कार्तिक महीने में तुलसी का खास तौर पर ज़्यादा महत्व माना जाता है। उस दौरान तुलसी विवाह मनाया जाता है, जिसे भगवान विष्णु और तुलसी का पवित्र मिलन माना जाता है। तुलसी औषधीय दृष्टि से भी बहुत उपयोगी है। तुलसी के पत्तों का इस्तेमाल सर्दी-जुकाम, खांसी, बुखार और कई बीमारियों के इलाज के लिए किया जाता है। आयुर्वेद में तुलसी की दवा के तौर पर अहम जगह है। तुलसी शरीर का इम्यून सिस्टम बढ़ाती है और सेहत अच्छी रखती है। इस तरह, तुलसी सिर्फ़ एक पौधा नहीं बल्कि हिंदू धर्म में आस्था, पवित्रता और सेहत का प्रतीक है। तुलसी की रेगुलर पूजा और सही देखभाल से घर में पॉज़िटिव माहौल बनता है और परिवार में सुख, शांति और खुशहाली आती है।
तुलसी के कुछ ज़रूरी उपाय इस तरह हैं:
रोज़ सुबह तुलसी पर पानी डालें और दीया जलाकर पूजा करें। इससे घर में सुख, शांति और खुशहाली आती है। माना जाता है कि अगर शाम को तुलसी के सामने घी का दीया जलाया जाए तो घर की नेगेटिव एनर्जी दूर हो जाती है। धार्मिक मान्यता है कि रविवार और एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए। अगर घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा लगाया जाए तो घर का माहौल शुद्ध और पवित्र रहता है। पानी में तुलसी के पत्ते डालकर पीने से सेहत को फ़ायदा होता है और शरीर का इम्यून सिस्टम बढ़ता है। पूजा के दौरान भगवान विष्णु या श्री कृष्ण को तुलसी के पत्ते चढ़ाना खास तौर पर शुभ होता है। इस समय दीया जलाना शुभ होता है।
सूर्योदय से पहले यानी ब्रह्म मुहूर्त में और सूर्यास्त के समय यानी शाम को तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना चाहिए। तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है। माना जाता है कि इन दोनों मौकों पर तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने से देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं।





