Income Tax Budget 2026: टैक्सपेयर्स के लिए निर्मला सीतारमण कर सकती हैं 10 बड़े ऐलान

पिछले कुछ वर्षों में केंद्र सरकार ने यूनियन बजट के जरिए टैक्सपेयर्स को राहत देने पर खास जोर दिया है। खासतौर पर मिडिल क्लास और सैलरीड टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स से जुड़े कई बड़े फैसले लिए गए हैं। ऐसे में Budget 2026 से भी आम लोगों को काफी उम्मीदें हैं।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले बजट में नई टैक्स व्यवस्था (New Tax Regime) को और आकर्षक बनाते हुए 12 लाख रुपये तक की सालाना इनकम को टैक्स-फ्री कर दिया था। इसके बाद बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स ने नई रीजीम को अपनाया। अब सवाल यह है कि Income Tax Budget 2026 में टैक्सपेयर्स के लिए कौन-से बड़े ऐलान हो सकते हैं।

आइए जानते हैं वे 10 संभावित घोषणाएं, जो बजट 2026 में देखने को मिल सकती हैं।

1️⃣ टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद

पिछले बजट में नई रीजीम के टैक्स स्लैब बदले गए थे, लेकिन ओल्ड टैक्स रीजीम को जस का तस रखा गया। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार सरकार पुरानी टैक्स व्यवस्था के स्लैब में राहत दे सकती है, ताकि उन टैक्सपेयर्स को भी फायदा मिले जो अभी ओल्ड रीजीम में बने हुए हैं।

2️⃣ टीडीएस रेट्स को किया जा सकता है आसान

फिलहाल अलग-अलग ट्रांजैक्शन पर कई TDS रेट्स लागू हैं, जिससे टैक्सपेयर्स को कन्फ्यूजन होता है। बजट 2026 में सरकार TDS रेट्स की संख्या घटाकर 2 या 3 करने का ऐलान कर सकती है, जिससे टैक्स सिस्टम और सरल हो जाएगा।

3️⃣ होम लोन पर ज्यादा टैक्स छूट

रियल एस्टेट सेक्टर लंबे समय से होम लोन ब्याज पर डिडक्शन बढ़ाने की मांग कर रहा है। अभी सेक्शन 24(b) के तहत 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन मिलता है। बजट 2026 में इसे 4 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे घर खरीदने वालों को बड़ी राहत मिलेगी।

4️⃣ पति-पत्नी के लिए ज्वाइंट टैक्सेशन

भारत में फिलहाल पति और पत्नी को अलग-अलग इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना होता है। ICAI ने सरकार को Joint Taxation System लागू करने की सलाह दी है, जैसा अमेरिका और यूरोप में है। इससे परिवारों की कुल टैक्स लायबिलिटी कम हो सकती है।

5️⃣ LTCG की टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ सकती है

म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में निवेश करने वालों के लिए सरकार Long Term Capital Gain (LTCG) की टैक्स-फ्री लिमिट बढ़ा सकती है। अभी यह सीमा 1.25 लाख रुपये है, जिसे बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये या उससे अधिक किया जा सकता है।

6️⃣ नई रीजीम में इंश्योरेंस डिडक्शन

अभी टर्म इंश्योरेंस और हेल्थ इंश्योरेंस पर टैक्स छूट सिर्फ ओल्ड रीजीम में मिलती है। बजट 2026 में सरकार नई टैक्स रीजीम में भी इंश्योरेंस प्रीमियम पर डिडक्शन की घोषणा कर सकती है।

7️⃣ अफोर्डेबल हाउसिंग की नई परिभाषा

फिलहाल 45 लाख रुपये तक की कीमत वाले घर को अफोर्डेबल हाउसिंग माना जाता है। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों को देखते हुए सरकार इस लिमिट को 75 लाख रुपये तक बढ़ा सकती है।

8️⃣ इलेक्ट्रिक व्हीकल्स पर सस्ता लोन

सरकार ईवी को बढ़ावा देने के लिए कम ब्याज दर पर EV लोन की सुविधा दे सकती है। इससे न सिर्फ EV की बिक्री बढ़ेगी बल्कि प्रदूषण पर भी लगाम लगेगी।

9️⃣ डेट फंड टैक्स नियमों में बदलाव

Budget 2023 में डेट फंड्स के टैक्स नियम बदले गए थे, जिससे निवेशकों की दिलचस्पी कम हुई। बजट 2026 में सरकार डेट फंड्स पर टैक्स स्ट्रक्चर को दोबारा आकर्षक बना सकती है।

🔟 ओल्ड रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़े

नई रीजीम में स्टैंडर्ड डिडक्शन 75,000 रुपये है, जबकि ओल्ड रीजीम में अभी भी 50,000 रुपये। बढ़ती महंगाई को देखते हुए सरकार इसे बढ़ाने का ऐलान कर सकती है।

निष्कर्ष

Budget 2026 टैक्सपेयर्स के लिए बेहद अहम रहने वाला है। अगर इनमें से कुछ घोषणाएं भी होती हैं, तो इससे मिडिल क्लास, सैलरीड और निवेशकों को बड़ी राहत मिल सकती है।