Jokes: एक बार रेल में बैठे दो मुसाफिरों में लड़ाई हो रही थी, एक खिड़की खोल देता था और कहता था.. पढ़ें आगे

Joke 1:

दीपा ने अपनी मां को फोन किया –
मम्मी, मेरा उनसे झगड़ा हो गया है,
मैं 3-4 महीनों के लिए घर आ रही हूं।
….
मां बोली- झगड़ा उस कम्बख्त ने किया है
तो सजा भी उसे ही मिलनी चाहिए।
तू वहीं रुक, मैं 5-6 महीने के लिए आ रही हूं।

Joke 2:

घोंचू- भैया, सभ्यता और शिष्टाचार का तो लगता है जमाना ही नही रह गया…।
पोंचू- क्यों क्या हुआ…?
घोंचू- कल मन्नू आया था।
मैंने कहा- चाय मंगाऊं, तो झट हामी भर दी।
तुम्हीं कहो, मेरा फर्ज पूछना था तो उसका भी मना करना फर्ज था या नहीं?

Joke 3:

एक बार रेल में बैठे दो मुसाफिरों में लड़ाई हो रही थी।
एक खिड़की खोल देता था और कहता था, ‘गर्मी लग रही है, इसलिए खिड़की खुली रहने दो।’
दूसरा खिड़की बंद कर देता था और कहता ‘सर्दी लग रही है इसलिए खिड़की बंद रहने दो।’
……….
जब उन्हें लड़ते-लड़ते काफी देर हो गई तो तीसरे मुसाफिर ने कहा- ‘क्यों लड़ते हो भाई! कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि खिड़की का सिर्फ फ्रेम ही है, कांच नहीं।’

Joke 4:

एक आदमी (दूसरे से) – दोस्त ‘एशियन पेंट्‍स’ होते है, जो दुनिया बदल दे…
…………
गर्लफ्रेंड ‘एवरेस्ट मसाला’ की तरह टेस्ट में बेस्ट होती है…
………..
पहला कुछ और बोल पाता, उससे पहले ही…
दूसरे ने कहा – …और पत्नी ‘मच्छर की क्वॉइल’ की तरह होती है, जो कोने-कोने से ढूंढ-ढूंढ के मारती है।

Joke 5:

मास्टर जी ने स्टूडेंट का लंच पूरा खा लिया और डकारते हुए बोले :
बेटा, घर जाकर मेरा नाम तो नहीं लोगे कि मैंने तुम्हारा लंच खा लिया…
….
बच्चा मासूमियत के साथ : नहीं मास्टर जी,
मैं घर जाकर बोल दूंगा कि…कि….मेरा खाना कुत्ता खा गया…