Varuthini Ekadashi 2026: वरुथिनी एकादशी आज, दिनभर करें आप इन मंत्रों का जाप, भगवान विष्णु का मिलेगा विशेष आशीर्वाद
- byShiv
- 13 Apr, 2026
इंटरनेट डेस्क। वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को वरुथिनी एकादशी कहा जाता है। आज एकादशी का व्रत मनाया जा रहा है। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं।
तिथि और शुभ मुहूर्त
एकादशी तिथि का प्रारंभ- 13 अप्रैल की रात 09.19 बजे से
एकादशी तिथि का समापन 14 अप्रैल को सुबह 09.05 बजे तक
व्रत पारण का समय
कहा जाता है कि व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है, जब उसका पारण सही समय पर किया जाए
पारण तिथि- 14 अप्रैल 2026 (मंगलवार)
पारण का समय- सुबह 06.54 से 08.31 के बीच
भगवान विष्णु के मंत्र
- ॐ नमो भगवते वासुदेवाय।
- श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारे,
हे नाथ नारायण वासुदेवाय।।
- ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।
- ॐ विष्णवे नमः।
- ॐ हूं विष्णवे नमः।
भगवान विष्णु की आरती
ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे.
भक्त जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥ ॐ जय…॥
जो ध्यावे फल पावे,
दुःख बिनसे मन का.
सुख-सम्पत्ति घर आवे,
कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय…॥
मात-पिता तुम मेरे,
शरण गहूं मैं किसकी.
तुम बिन और न दूजा,
आस करूं मैं जिसकी॥ ॐ जय…॥
तुम पूर्ण परमात्मा,
तुम अंतर्यामी.
पारब्रह्म परमेश्वर,
तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय…॥
तुम करुणा के सागर,
तुम पालनकर्ता.
मैं मूरख खल कामी,
कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय…॥
तुम हो एक अगोचर,
सबके प्राणपति.
किस विधि मिलूं दयामय,
तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय…॥
ॐ जय जगदीश हरे,
स्वामी जय जगदीश हरे.
भक्त जनों के संकट,
क्षण में दूर करे॥ ॐ जय…॥
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