Chaturmas 2026: देवशयनी के साथ ही थम जाएंगे शुभ कार्य, जाने कब से शुरू होंगे विवाह और उपनयन संस्कार

इंटरनेट डेस्क। देवशयनी एकादशी के साथ ही देव सो जाएंगे और शुभ कार्यों पर रोक लग जाएगी। देवशयनी के साथ ही चार्तुमास की शुरूआत भी हो जाएगी। इन 4 माह में कोई भी मांगलिक कार्य आयोजित नहीं किए जाते और जनकल्याण जुड़े काम किए जाते हैं। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी व्रत के बाद इस साल 25 जुलाई 2026 से चातुर्मास शुरू होकर 21 नवंबर को देवउठनी एकादशी व्रत पर खत्म होगा। अगर आपके घर में किसी के विवाह या बच्चों के जनेऊ संस्कार, गृह प्रवेश या कोई और मांगलिक कार्यों के आयोजन पर बात चल रही है तो आपको इस बात पर जरूर गौर करना चाहिए कि आखिर चौमासे के बाद शुभ मुहूर्त कब से शुरू होंगे।

विवाह के लिए शुभ मुहूर्त 
जिन घरों में जोड़े के विवाह की बात चल रही है उन्हें अब 22 नवंबर तक इंतजार करना होगा। ध्यान दें 22 नवंबर 2026 से लेकर अगले साल यानी 2027 के 7 जुलाई तक विवाह के कुल 63 शुभ मुहूर्त हैं। वहीं, इस साल नवंबर और दिसंबर में भी कुछ शुभ तिथियां है जिनें विवाह का आयोजन किया जा सकता है। ये शुभ तिथियां हैं, नवंबर में 22, 25, 26 और 30 तारीख और दिसंबर में 4, 6, 9, 10, 11 और 14 तारीख।

उपनयन संस्कार के लिए शुभ मुहूर्त
वहीं, उपनयन यानी जनेऊ संस्कार के लिए सीधे अगले साल ही शुभ मुहूर्त बन रहे हैं. ज्योतिषीय गणनाओं को देखें तो 12 जुलाई के बाद इस साल उपनयन संस्कार के लिए कोई भी शुभ मुहूर्त नहीं है।

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