माघ गुप्त नवरात्रि 2026: 19 या 20 जनवरी, जानें सही तारीख, घटस्थापना मुहूर्त और महत्व

Magh Gupt Navratri 2026: कब से शुरू होगी माघ मास की गुप्त नवरात्रि?

नवरात्रि हिंदू धर्म के सबसे पवित्र पर्वों में से एक है, जिसमें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा की जाती है। आमतौर पर लोग चैत्र और शारदीय नवरात्रि के बारे में जानते हैं, लेकिन शास्त्रों में दो गुप्त नवरात्रियों का भी उल्लेख मिलता है।

माघ मास की गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से तंत्र साधना, मंत्र सिद्धि और कठिन तपस्या के लिए जानी जाती है। इस दौरान देवी की उपासना गुप्त रूप से की जाती है। वर्ष 2026 में इसे लेकर लोगों के मन में यह सवाल है कि यह नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू होगी या 20 जनवरी से

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?

पंचांग के अनुसार, माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्रि का आरंभ होता है।

  • प्रतिपदा तिथि प्रारंभ:
    19 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह 01:21 बजे
  • प्रतिपदा तिथि समाप्त:
    20 जनवरी 2026, मंगलवार को सुबह 02:14 बजे

उदयातिथि के अनुसार, माघ गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी 2026 से शुरू होगी

घटस्थापना (कलश स्थापना) का शुभ मुहूर्त

इस वर्ष घटस्थापना के लिए दो शुभ समय उपलब्ध हैं:

  • प्रातःकाल मुहूर्त:
    सुबह 07:13 से 10:49 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त:
    दोपहर 12:15 से 12:58 बजे तक

इनमें से किसी भी समय घटस्थापना की जा सकती है।

माघ गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा के स्वरूप

माघ गुप्त नवरात्रि में देवी की दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है:

पहले दिन मां काली, दूसरे दिन मां तारा, तीसरे दिन मां त्रिपुर सुंदरी, चौथे दिन मां भुवनेश्वरी, पांचवें दिन मां छिन्नमस्तिका, छठे दिन मां त्रिपुर भैरवी, सातवें दिन मां धूमावती, आठवें दिन मां बगलामुखी, नौवें दिन मां मातंगी और दसवें दिन मां कमला की पूजा की जाती है।

गुप्त नवरात्रि का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का समय अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है। इस दौरान की गई साधना से:

  • जीवन की बड़ी बाधाएं दूर होती हैं
  • नकारात्मक शक्तियों से रक्षा मिलती है
  • साधकों को आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त होती हैं

यह समय विशेष रूप से अघोरी, तांत्रिक और साधकों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 की तिथियां

  • आरंभ: 19 जनवरी 2026
  • समापन: 28 जनवरी 2026

तिथि विवरण:

  • 19 जनवरी – प्रतिपदा
  • 20 जनवरी – द्वितीया
  • 21 जनवरी – तृतीया
  • 22 जनवरी – चतुर्थी
  • 23 जनवरी – पंचमी
  • 24 जनवरी – षष्ठी
  • 25 जनवरी – सप्तमी
  • 26 जनवरी – अष्टमी
  • 27 जनवरी – नवमी
  • 28 जनवरी – व्रत पारण

माघ गुप्त नवरात्रि 2026 साधना और आत्मशुद्धि का विशेष अवसर है। जो भक्त श्रद्धा और नियमों के साथ देवी की उपासना करते हैं, उन्हें विशेष फल की प्राप्ति होती है।

डिस्क्लेमर

यह लेख धार्मिक मान्यताओं और पंचांग गणनाओं पर आधारित है। किसी भी पूजा या व्रत से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।