Nirjala Ekadashi 2026: जाने निर्जला एकादशी की सही तिथि, मुहूर्त और पूजा की विधि
- byShiv
- 12 Jun, 2026
इंटरनेट डेस्क। पूरे साल की सबसे बड़ी एकादशी आने वाली है। हिंदू धर्म में सभी एकादशियों में निर्जला एकादशी को सबसे श्रेष्ठ माना जाता है। ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इसे साल की सबसे बड़ी एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन जो श्रद्धालु अन्न, जल ग्रहण किए बिना व्रत रखते हैं, श्री हरि उनके सारे दुख हर लेते हैं।
निर्जला एकादशी कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का आरंभ 24 जून को रात 8 बजकर 09 मिनट पर होगा। एकादशी तिथि का समापन 25 जून को रात 9 बजकर 14 मिनट पर होगा। उदया तिथि के आधार पर निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून दिन गुरुवार को रखा जाएगा।
पूजा का शुभ समय और विधि
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04.05 बजे से सुबह 04 बजकर 45 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11.56 बजे से दोपहर 12.52 बजे तक
रवि योग- सुबह 05.25 बजे से शाम 04.29 बजे तक रहेगा
पूजन विधि
निर्जला एकादशी के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें और व्रत-पूजा का संकल्प लें। फिर साफ-सुथरे वस्त्र धारण करके एक चौकी पर पीले रंग का वस्त्र बिछाकर उस पर विष्णु और लक्ष्मी जी की प्रतिमा स्थापित करें और दोनों की संयुक्त पूजा करें। भगवान दो धूप, दीप, फल और पीले रंग की मिठाई या पकवान का भोग लगाएं। भगवान को खीर में तुलसी दल डालकर भी भोग लगाया जा सकता है। इसके बाद वहीं बैठकर विष्णु जी के मंत्रों का जाप करें और मां लक्ष्मी और विष्णु जी की आरती उतारें।
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