Petrol-Diesel: कभी भी बढ़ सकते हैं फिर से पेट्रोल और डीजल के दाम, लगातार घाटा झेल रही कंपनिया

इंटरनेट डेस्क। 22 मई शुक्रवार को पूरे भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता नजर आ रही है। हालांकि, अभी फ्यूल रेट और कितना बढ़ेगा इसपर कुछ कह नहीं सकते हैं। बता दें कि 15 से 19 मई के बीच में लगभग पेट्रोल और डीजल की कीमत 4-4 रुपए के आस पास बढ़ चुकी है। तेल कंपनियों को हो रहे लगातार घाटे से ये आशंका हो रही है कि पेट्रोल- डीजल के दाम में फिर से उछाल देखा जा सकता है। बता दें कि इस हफ्ते की शुरुआत में ही पेट्रोल में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद से कीमतें अपने नए रिकॉर्ड पर बनी हुई है।

तेल कंपनियों को हो रहा कितना नुकसान?
भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी को लागत से कम कीमत पर बेचने के कारण काफी ज्यादा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इन्हें रोजाना लगभग 1,380 करोड़ रुपये का कुल नुकसान उठाना पड़ रहा है। हालांकि, हाल ही में कीमतों में की गई 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद शुद्ध रूप से कंपनियों का रोजाना का नुकसान घटकर लगभग 750 रुपये करोड़ रह गया है।

इतना ही नहीं, एलपीजी के आंकड़े पर नजर डालें तो रसोई गैस पर भी कंपनियां बड़ा घाटा सह रही हैं। एचपीसीएल के अनुसार, वर्तमान में प्रति 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर कंपनियों को 670 रुपये का नुकसान हो रहा है।

pc- jansatta